DNN कुल्लू
कुल्लू जिला के बंजार में एकीकृत डिजाईन और तकनीकी विकास परियोजना काष्ठ कला (वुड क्राफ्ट) प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत रूप से शुभारंभ हुआ। यह शुभारंभ हिमाचल प्रदेश हस्तशिल्प व हथकरघा निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल ने किया। यह परियोजना विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से स्वीकृत हुई है जिसका संचालन हिमाचल प्रदेश हस्तशिल्प व हथकरघा निगम शिमला के माध्यम से हो रहा है। इस परियोजना पर 15 लाख रूपए खर्च किए जा रहे हैं। परियोजना का लक्ष्य प्रशिक्षित काष्ठकारों को तकनीकी तौर पर मजबूत करना है। परियोजना के तहत 40 काष्ठकारों को तकनीकी तौर पर संपन्न करने के लिए 3 बार प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसके लिए एक डिजाईनर व एक मास्टर क्राफ्टमैन की नियुक्ति की गर्इ्र है। परियोजना की कुल अवधि 5 माह होगी।
इसमें प्रशिक्षण शुरू होने से पहले एक महीने की अवधि में डिजाईनर बाजार सर्वे करके अलग-अलग डिजाईन पर अपनी रिपोर्ट देगा। प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद एक महीना इस कार्यशाला में बने उत्पादों को बाजार में प्रस्तुत करेगा। निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के अलग-अगल क्षेत्रों में इस प्रकार की कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसमें मंडी के जंजैहली में हथकरघा बुनाई, चंबा में लैदर कला, बिलासपुर में हस्त बुनाई कला, कांगड़ा में पेंटिंग कला प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में अप्रशिक्षित लोगों को प्रशिक्षण देने के लिए 101 प्रतिक्षण केंद्र खोले जा रहे हैं जिसमें एक हजार लोगों को एक साल का प्रशिक्षण अलग-अलग कलाओं के बारे में दिया जाएगा जिसपर लगभग 4 करोड़ रूपए खर्च होंगे। कटवाल ने इसका सारा श्रेय केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों को दिया। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी उपस्थित लोगों को मुहैया करवाई गई। कार्यशाला में निदेशक हिमाचल प्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा निगम अंजय बौद्ध, प्रदेश उद्यमी संयोजिका मनीषा सूद, सहायक निदेशक वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार अवदेश ठाकुर, प्रभारी हिमाचल प्रदेश हस्तशिल्प व हथकरघा निगम दीपक पूरी, बंजार मंडल भाजपा महामंत्री जय सिंह, भाजपा उपाध्यक्ष सरवण कुमार, चेयरमैन विश्वकर्मा कल्याण सभा उदय डोगरा, दवान सिंह, शेर सिंह, कुशल तथा विभिन्न पंचायतों के प्रधानों सहित लगभग 300 लोगों ने भाग लिया जिसमें कारगीरों की संख्या अधिक थी।















