DNN ब्यूरो सोलन
16 अप्रैल। हिमाचल प्रदेश की राजनीति का माहौल भारतीय जनता पार्टी ने खराब कर दिया है। यह आरोप कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने प्रेस वार्ता के दौरान लगाए है। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पैसे की राजनीति का श्रेय डा. राजीव बिंदल को जाता है, क्योंकि वह अंतिम स्तर कर साजिश रचते रहे, लेकिन लोगों ने उन्हें हार का मुंह दिखाया है और कांग्रेस पर अपना भरोसा रखा है। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को अंदरूनी लगाई बारे कहने वालों में ही अंदरूनी लड़ाई देखने को मिल रही है। इसी कारण मुख्यमंत्री को बार-बार वार्डों में घुमाया गया है।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थानों में भी कांग्रेड के प्रत्याशी जीतकर आए, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने कर दरवाजे से इनपर कब्जा किया है। अन्य पार्टियों के जीते हुए प्रत्याशियों पर भाजपा द्वारा दबाब बनाकर उन्हें अध्यक्ष बनाते है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने कोरोना काल मे भी भ्र्ष्टाचार किया है और इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष को इस्तीफा देना पड़ा था। लोग महंगाई से परेशान हो गए है।
बड़ी चुनौतियों के बाद कांग्रेस ने भाजपा को दिखाया हार का मुंह
कांग्रेस के प्रभारी रहे राजेंद्र राणा ने कहा कि बड़ी चुनौतियों के बाद कांग्रेस ने भाजपा को हार का मुंह दिखा कर जीत हासिल की है।
उन्होंने ने कहा कि भाजपा ने पूरे देश में जिस तरह से लोकतंत्र का अपमान किया है, उसी तरह से उन्होंने सोलन में भी लोकतंत्र का अपमान करने की कोशिश की। बीजेपी ने कांग्रेस के पार्षदों को प्रभावित करने का प्रयास किया, लेकिन हमारे पार्षद चट्टान की तरह कांग्रेस के हाथ के साथ खड़े रहे। बीजेपी के अलग-अलग नेता हमारे पार्षदों से संपर्क करते रहे। लेकिन, फिर भी कांग्रेस ने एकजुटता के साथ जीत हासिल की है।
उन्होंने कहा कि भाजपा में अंदरखाने ना जाने क्या गड़बड़ी थी, जिसके लिए मुख्यमंत्री को खुद गलियों में आकर घूमना पड़ा। चुनाव में बीजेपी की जो हार हुई है वह दिखाती है कि भाजपा में अंदरखाने कहीं न कहीं गड़बड़ी थी। राणा ने कहा कि इतिहास में पहली बार किसी सीएम को गली-गली में घूमना पड़ा है। अगर राज्य सरकार ने विकास किया होता तो मुख्यमंत्री एक जनसभा करके ही लोगों को संबोधित कर सकते थे, लेकिन गली-गली में घूमकर मुख्यमंत्री को खुद वोट मांगने पड़े। राणा ने कहा कि अंदरूनी लड़ाई के चलते ही भाजपा सोलन नगर निगम हारी है।















