DNN शिमला
देश एवं प्रदेश में बढ़ते कोरोना वायरस की दूसरी लहर के चलते एक बार फिर पर्यटन कारोबारियों की चिंता बढ़ती हुई नजर आई । जिसके चलते पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि बीते डेढ़ साल से पर्यटन जगत मंदी के दौर से गुजर रहा है एक साल तो बचाई हुई पूंजी के सहारे बैंकों की किश्ते तथा अन्य खर्चों का व्यहान करते रहे हैं, लेकिन अब उनके ऊपर एनपीए का खतरा मंडराने लगा हैं ।
होटल एसोसिएशन अध्यक्ष महेंद्र सेठ ने कहा की लगातार एक डेढ़ साल से कोरोना की मार झेल रहे पर्यटन कारोबारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । वही बैंक खातों का भी जून 9 एमपीए का खतरा मंडराता हुआ नजर आ रहा है । इस अवसर पर महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार से लगातार गुहार लगाई जा रही है कि वह केंद्रीय वित्त मंत्रालय राहत पैकेज की मांग की जा रही है ताकि जो कर्ज़ कारोबारियों ने लिया है वह चुका सकें और बैंक का एनपीए तथा सिविल ख़राब न हो । प्रदेश सरकार से जब पहले भी बात हुई थी तो उन्होंने राहत देने की बात कही थी परंतु अब तक ज्यादा राहत नहीं दी । परंतु 25 मई को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में पर्यटक जगत के कारोबारियों को एक उम्मीद थी कि इस मंत्रिमंडल की बैठक में कुछ राहत मिलेगी परंतु कोई राह नहीं मल पाई है । अब केवल एक ही उम्मीद है कि प्रदेश सरकार केंद्र सरकार से बात कर आर्थिक पैकेज दिला सके ताकि आने वाले समय में इतने सारे के लोगों को कुछ राहत मिल सके ।
















