DNN शिमला
04 अप्रैल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने पत्नी की हत्या करने के आरोप सिद्ध होने पर दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दरअसल अदालत ने सोमवार को अहम फैसला सुनाते हुए दोषी हरका बहादुर नेपाली, गांव रिहायश बठारा (सराहन बुशहर), तहसील रामपुर, जिला शिमला को अपनी पत्नी की हत्या के जुर्म में उम्रकैद और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामले के बारे में जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी किन्नौर स्थित रामपुर कमल चंदेल ने बताया कि दिनांक 3 मई 2018 को समय करीब 7:30 बजे शाम पुलिस चौकी सराहन में टैलीफोन द्वारा सूचना मिली कि गांव बठारा से ऊपर जंगल में एक महिला और पुरुष को भालू ने नोच खाया हैं। सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया कि एक महिला मृत अवस्था में पड़ी थी और लोगों से मालूम हुआ कि एक अन्य घायल व्यक्ति को इलाज के लिए सराहन अस्पताल ले गए हैं, जिसे चोटें लगी हुई थी। मृत महिला का शरीर पोस्टमार्टम के लिए सराहन अस्पताल लाया गया। दोषी हरका बहादुर के मुताबिक भालू ने हमला करके उसकी पत्नी को मार दिया था और उसे घायल कर दिया था। जब मृत महिला का शरीर पोस्टमार्टम के लिए सराहन लाया गया, तो डाक्टर द्वारा शरीर पर घाव भालू के पंजों और दांत के न पाए जा रहे थे। इसलिए शक के आधार पर शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। आईजीएमसी शिमला में पोस्टमार्टम के बाद पाया गया कि मृत महिला के शरीर पर घाव के निशान किसी तेजधार हथियार के हैं, न कि किसी जानवर के पंजे और दांत के। इस बिना पर पुलिस थाना झाकउ़ी में आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया और और हरका बहादुर को जांच में शामिल किया गया, जिसे अपनी पत्नी की हत्या करने में उसकी संलिप्ता पाई गई। मुकदमे के अन्वेषण के दौरान पाया गया कि दोषी अपनी पत्नी पर संदेह करता था, जिसके कारण इनकी नेपाल और बठारा में रहते हुए आपस में बहस होती रहती थी। दोषी हरका बहादुर ने सुनयोजित तरीके से अपनी पत्नी की छुरी से हत्या कर दी और चोटों के निशान शरीर में इस तरह से किए कि यह भालू के काटने का मामला लगे। तफ्तीश मुकमल होने पर चालान को अदालत में पेश किया गया और ट्रायल के दौरान 18 गवाहों के साक्षय दर्ज किए गए। वैज्ञानिक और मेडिकल सबूतों और गवाहों के ब्यानों के आधार पर दोषी हरका बहादुर को अपनी पत्नी की हत्या करने का दोषी पाया गया और अदालत ने उसे उम्रकैद (जब तक वह जिंदा रहेगा तब तक जेल में रहेगा) और 2 लाख 10 हजार रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई है। इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।















