DNN सोलन
16 जून । सोलन नगर निगम के कुछ पार्षदों की स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल के साथ हुई बैठक चर्चा में है। शुक्रवार को शांडिल सोलन शूलिनी मेले को लेकर नगर निगम के पार्षदों व अधिकारियों के साथ बैठक करने के लिए पहुंचे थे। इस बैठक में भी 17 में से मात्र 11 पार्षद ही उपस्थ्ति रहे। बैठक में मेले को लेकर चर्चा हुई। इस बैठक के बाद कांग्रेस की नगर निगम से नाराज चल रहे कांग्रेस के ही कुछ पार्षदों ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ अलग से बैठक की। बैठक में कांग्रेस के मात्र कुछ चुनिंदा पार्षद ही उपस्थित रहे। यह वह पार्षद रहे जिन्होंने अपनी ही नगर निगम के खिलाफ वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए भाजपा के पार्षदों के साथ मिलकर विधानसभा चुनावों के समय अविश्वास प्रस्ताव लाया था। पता चला है कि बैठक में पार्षदों ने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उनके साथ हुई वायदा खिलाफी व उनके वार्डों को लेकर किए जा रहे भेदभाव का मुद्दा उठाया।

वहीं पता चला है कि सितंबर महीने में कांग्रेस के अंदरुनी समझौते के तहत नगर निगम की मेयर पूनम ग्रोवर का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। इसके बाद पार्षद सरदार सिंह ठाकुर को मेयर बनाने का वायदा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद हुआ था। जबकि उप महापौर का कार्यकाल कांग्रेसी समझौते के तहत मात्र 15 महीने का था और अपने वायदे के तहत उप महापौर राजीव कौड़ा ने अपना इस्तीफा विधानसभा चुनावों के समय ही धनीराम शांडिल का सौंप दिया था, लेकिन चुनावी समय होने के कारण शांडिल ने पार्षदों केा इंतजार करने के लिए कहा था, लेकिन उसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पार्षदों द्वारा डीसी सोलन को दिया गया था, लेकिन बाद में वह तकनीकी कारणों से गिर गया था। अब सितंबर को लेकर राजनीति अभी से शुरू हो गई है।















