DNN सोलन
शहरी क्षेत्रों के अकुशल कामगारों नगर परिषदों के माध्यम से अब रोजगार पा सकते है। इसके लिए उन्हें नगर परिषद में अपना पंजीकरण करवाना होगा। मुख्यमंत्री शहरी स्वरोजगार योजना के तहत पंजीकृत लोगों को जाब कार्ड देकर रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। वहीं कुछ अकुशल कामगारों को योजना के तहत मिलने वाली दिहाडी कम होने के कारण यह योजना रास नहीं आ रही है।
इस योजना के तहत अकुशल कामगारों को 120 दिन का रोजगार नगर परिषद के माध्यम से उपलब्ध करवाए जाने का प्रावधान है, लेकिन बावजूद इसके लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा रहे है। 14 लोगों ने मई महीने में इस योजना के तहत अपना पंजीकरण नगर परिषद के पास करवाया भी, लेकिन बावजूद उन्होंने अपना पंजीकरण यह कहकर रद करवा दिया कि योजना के तहत दी जाने वाली 275 रुपए दिहाड़ी काफी कम है।
इस योजना के तहत सोलन नगर परिषद ने कार्य शुरू करते हुए क्षेत्र में रह रहे अकुशल कामगारों को इस योजना के तहत अपना पंजीकरण करवाने के लिए जागरूक किया। इसके बाद नगर परिषद में 14 अकुशल कामगारों ने अपना पंजीकरण भी करवाया, लेकिन जब उनके जाब कार्ड बनाने का कार्य शुरू किया तो उन्हें जानकारी दी गई कि उन्हें 120दिनों का रोजगार 275 रुपए दिहाड़ी के हिसाब से उपलब्ध करवाया जाएगा, लेकिन पंजीकरण करवाने वाले कामगारों ने परिषद के अधिकारियों को जानकारी दी कि वे निजी क्षेत्र में कार्य करके इससे ज्यादा दहाड़ी कमा लेते है, इसलिए उन्हें इसे योजना का कोई लाभ नहीं है और उन्होंने परिषद से अपना पंजीकरण रद करवा लिया। वहीं इस मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ललित कुमार ने बताया कि नगर परिषद सोलन शहर के अकुशल कामगारों को राजेगार उपलब्ध करवाने के लिए जागरूक किया और उन्हें मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गरंटी योजना के तहत जाब कार्ड बनाने के लिए प्रेरित किया। इस पर 14 अकुशल कामगारों द्वारा इसके लिए पंजीकरण करवाया गया था, लेकिन जब नप इनके जाब कार्ड बनाने आरंभ किए, तो सभी लोगों ने कम दिहाड़ी मिलने का हवाला देकर अपना पंजीकरण रद करवा लिया। उन्होंने अकुशल कामगारों से इस योजना का लाभ उठाने की मांग की है।















