DNN सोलन (आदित्य सोफत)
25 जनवरी। सोलन के मालरोड पर रविवार को दवा दुकान के साथ अन्य दो दुकानों में लगी आग से 80 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। यह आंकलन अग्निशमन विभाग द्वारा किया गया है। उधर, आग की घटना के बाद सोमवार को व्यापारियों ने पुलिस को शिकायत भी दी गई है और इस मामले में दोषी पाए जाने वाले विभाग पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है।
बता दें कि सोलन मालरोड पर रविवार शाम को दुकानों में भीषण आग लग गई थी, इससे भवन की निचली मंजिल में स्थित तीन दुकानों का सामान जल गया। इससे लाखों का नुकसान हो गया था। आग से मेडिकल स्टोर, रेडिमेड गारमेंट व रजाई गद्दे की दुकाने व एक सैलून भी जल गया। इस दौरान व्यापारियों ने कई प्रकार के सवाल प्रशासन के सामने खड़े कर दिए है।

शहर के व्यापारियों का कहना है कि अग्रिशमन विभाग द्वारा शहर में लोगों को परेशान करने के लिए महीने में 2 बार मॉकड्रिल तो की जाती है, लेकिन वह मुस्तैदी असल घटना में देखने को नहीं मिलती। व्यापारियों का यह भी कहना है कि जब घटना घटी तो सूचना के बाद भी अग्रिशमन विभाग के वाहन देरी से पहुंचे व तब तक लोगों ने बाल्टी से पानी फेंककर बुझाने के प्रयास किए। इसके बाद जब विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो गाडिय़ों का पानी जल्द खत्म हो गया व यहां लगे हाईड्रेंट से पानी नहीं निकला। पानी के लिए फायर की गाडिय़ों को चंबाघाट तक जाना पड़ा। ऐसे में यदि समय पर अग्रिशमन विभाग की टीम पहुंचती व हाईड्रेंट्स से पानी मिलता तो आग से हुए नुकसान को कम किया जा सकता था।
मालरोड के दो हाईड्रेंट नहीं खुले
आग पर पहले काबू पाया जा सकता था, लेकिन समय पर मालरोड के दो हाईड्रेंट ही नहीं खुले जिससे पानी लाने में देरी हो गई। ऐसा इससे पहले भी कई बार हो चुका है जब आपात स्थिति में फायर हाईड्रेंट काम नहीं आते। यह हाईड्रेंट शहर की पेयजल लाइनों से कनेक्ट हैं, जिसके कारण इसमें तभी पानी आता है जब टैंक से उस क्षेत्र की सप्लाई चालू की जाती है। इसके बाद भी पानी लोगों के घरों में पहुंचता है और हाईड्रेंट में प्रैशर नहीं बनता। इसके लिए विभाग ने प्रशासन से पहले भी मांग की थी कि शहर में हाईड्रेंट्स के लिए पानी की अलग लाइन बिछाई जाए जो हर समय चालू रहे, जिससे आवश्यक्ता पडऩे पर नगर निगम कर्मचारियों को पानी खोलने के लिए न ढूंढना पड़े। यही नहीं शहर के प्रमुख स्थान उपायुक्त कार्यालय के पास भी कोई हाईड्रेंट नहीं है व कई हाईड्रेंट खराब पड़े हैं।
व्यापारियों में रोष
अग्रिशमन विभाग को सूचना देने के बाद भी विभाग की टीम देरी से पहुंची। इसके अलावा मालरोड पर लगे हाईड्रेंट से भी पानी ही नहीं मिल पाया व गाडिय़ों को पानी के लिए दूर जाना पड़ा नगर निगम कर्मचारियों को बार-बाद पानी की सप्लाई खोलने के लिए कहने पर बहुत देर से पानी यहां पहुंच पाया। यदि समय पर पानी मिल जाता तो आग से नुकसान को कम किया जा सकता था। विभागों की लापरवाही को लेकर सभी व्यापारियों ने इकट्ठे होकर सिटी चौकी में शिकायत की है और मांग की है कि जो भी विभाग दोषी पाया जाता है उस पर एफ.आई.आर. दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
– कुशल जेठी, अध्यक्ष, व्यापार मंडल, सोलन।
क्या कहते हैं विभाग
अग्रिशमन विभाग को 5:05 मिनट पर पुलिस के किसी कर्मचारी ने फोन पर सूचना दी कि मालरोड पर दुकानों में आग लगी है। इसके तुरंत बाद 5 बजकर 06 मिनट पर स्टेशन से गाडिय़ां निकल चुकी थी। इसके बाद जितना पानी उनके पास था उससे आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। नगर निगम के कर्मचारियों को बार-बार फोन करने के बाद भी माल रोड पर लगे हाईड्रेंट में पानी ही नहीं मिल पाया। इसके चलते गाडिय़ों में पानी भरने के लिए चंबाघाट व पुलिस चौकी के पास ले जाना पड़ा। दुकान में रखे सेनिटाइजर, गैस सिलेंडर व अन्य ज्वनशीन पदार्थों के कारण आग काफी भड़क चुकी थी। इसके बाद भी 1 घंटे में आग पर काबू पा लिया गया था और आग को ऊपरी मंजिल व साथ लगते मकानों व टंकियों की फैक्ट्री में फैलने से रोक लिया गया। इस दौरान अग्रिशमन विभाग के कर्मचारियों ने पूरी तत्परता व जान जोखिम में डालकर कार्य किया। इस दौरान परवाणु से भी 2 अग्रिशमन गाडिय़ां मंगवाई गई थी, लेकिन तब तक आग पर काबू पा लिया गया था। विभाग की मुस्तैदी से ही करोड़ों की संपत्ति को बचाया गया। इस आग की घटना से करीब 80 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
– राजा राम भागटा, प्रभारी, अग्रिशमन केंद्र सोलन















