दवाईयों से बेअसर, लडख़ड़ाते-कांपते बुजुर्ग चलने फिरने में हुए समर्थ

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DNN सोलन

12 सिंतबर। बुढ़ापे में कंपन, चलने-फिरने में असमर्थ, हाथ-बाजू व सिर का कांपना, बोलने में कठिनाई व अंगों की जकडऩ जैसे लक्ष्णों से ग्रस्त बुजुर्ग जो लंबे समय से बिस्तर पर पड़े रहने को मजबूर हों, ऐसे पार्किंसंस बीमारी से पीडि़त बुजुर्ग मरीजों को पूरी तरह से स्वस्थ किया जा सकता है। यह बात जाने-माने न्यूरो सर्जन डा. निशित सावल एवं डा. मेहराज संधू ने सोलन में आयोजित एक पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कही, जो कि उपरोक्त लक्ष्णों से ग्रस्त ऐसे पार्किंसंस के मरीजों की पहचान के लिए मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में हर शनिवार आयोजित की जाती ‘मूवमेंट डिसआर्डर क्लिनिक’ संबंधी अवगत करवाने के लिए शहर में पहुंचे थे।
फोर्टिस अस्पताल में न्यूरो सर्जरी विभाग के कंस्लटेंट डा. निशित सावल ने कहा कि चिकित्सा जगत में आई क्रांति से ऐसे बुजुर्ग जो पार्किंसंस रोग के कारण स्वयं व अपने घरवालों पर एक भार की तरह बन जाते हैं, बुजुर्गों की इन समस्याओं को उनके मस्तिष्क में डीप ब्रेन सिटमुलेशन (डीबीएस) तकनीक से पूरी तरह कंट्रोल (यानि पूरी तरह से स्वस्थ) किया जा सकता है।
डा. निशित सावल ने पिछले 5 वर्षों से पार्किसंस रोग से पीडि़त एक 64 वर्षीय बुजुर्ग मरीज के उपचार में प्रयोग की गई डीप ब्रेन स्टिमुलेशन तकनीक संबंधी अवगत करवाते हुए बताया कि रोगी के दिमाग को इलेक्ट्रिकल तंत्र से चलाने के लिए एक इलेक्ट्रोड (वायर/स्विचर की तरह दिखने वाली इलेक्ट्रिकल वस्तु) को संबंधित मरीज के मस्तिष्क में डाला जाता है, जिससे उसके मस्तिष्क में प्रभावित कोशिकाओं व कैमिकल्स का उपचार डाक्टर द्वारा रिमोट से किया जाता है। पंजाब की एक अन्य 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की वीएनएस (वेगल नर्व स्टिमुलेशन) से हुई सर्जरी संबंधी डा. सावल ने बताया कि मरीज 30 वर्षों से गंभीर डिप्रेशन से पीडि़त थी। उन्होंने बताया कि ऐसे मरीजों पर ज्यादातर दवाईयां बेअसर होने के कारण समस्या बढ़ती है जिस कारण ऐसे मरीजों के स्वास्थ्य एवं दैनिक जीवन पर गंभीर प्रभाव भी होता है। ऐसे में वीएनएस तकनीक से उनका इलाज संभव हो पाया। उन्होंने बताया कि अच्छी देखभाल के बाद उक्त मरीज की सेहत में सुधार हुआ और डिप्रेशन कम होने लगा। धीरे-धीरे उनकी जिंदगी पटरी पर लौट आई और आज वह सामान्य जीवन जी रहे हैं।
डॉ. निशित सावल ने बताया कि डीबीएस ने पार्किंसंस रोग से पीडि़त रोगियों के उपचार में क्रांति ला दी है। डीप ब्रेन स्टिमुलेशन पार्किंसंस रोग के रोगियों में बड़ी जटिलताओं में सुधार करता है। हाथ, बाजू, सिर का कांपना और चलने में कठिनाई जैसे लक्षण सर्जरी के बाद कम हो जाते हैं।
इस मौके मेंटल हेल्थ एंड बेहवियरल कंस्लटेंट डा. मेहराज संधू ने बताया कि मूवमेंट डिसऑर्डर क्लिनिक हर शनिवार मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल में सुबह 11 से 2 बजे तक चलती है, जहां उनके व डा. निशित सावल के अलावा न्यूरो मॉडयूलेशन टीम में शामिल न्यूरोलॉजी के एडिशनल डायरेक्टर डा. अनुपम जिंदल, न्यूरो इंटरवेंशनल न्यूरोरेडियोलॉजी के एडिशनल डायरेक्टर डा. विवेक गुप्ता, न्यूरो इंटरवेंशन एवं इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी कंस्लटेंट डा. विवेक अग्रवाल, न्यूरो रेडयोलॉजी कंस्लटेंट डा. अभिषेक मिलकर ऐसे मरीजों की पहचान कर उन्हें सही इलाज करवाने की सलाह देते हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट से मंजूरशुदा वैगल नर्व स्टिमुलेशन (वीएनएस) से मिर्गी व डिप्रेशन के मरीजों का इलाज किया जाता है।

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