तेज़ ध्वनि के सम्पर्क में आने के कारण सुनने की क्षमता में कमी आ सकती है-पाठक

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन द्वारा आज राजकीय महाविद्यालय सोलन में 30 अगस्त से 04 सितम्बर, 2025 तक आयोजित होने वाले विश्व बहरापन रोकथाम जागरूकता सप्ताह का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक ने की।
डॉ. अजय पाठक ने कहा कि लोगों की बढ़ती उम्र व तेज़ ध्वनि के सम्पर्क में आने के कारण सुनने की क्षमता में कमी आ सकती है। उन्होंने कहा कि अधिक शोर वाले क्षेत्रों में रहना, कान के बाहरी हिस्से में क्षति, मेनिनजाइटिस या तेज़ बुखार, दवाई का विपरीत प्रभाव, टी.वी., रेडियो या अन्य ध्वनि यंत्रों द्वारा तेज़ आवाज़ में सुनना तथा इयरफ़ोन के लगातार इस्तेमाल से भी सुनने की क्षमता में कमी आ सकती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से आग्रह किया कि बहरेपन से बचाव के लिए अधिक समय तक मोबाइल का प्रयोग न करें तथा इयरफ़ोन या हैडफोन का उपयोग कम करें। उन्होंने कहा कि सुनने के लिए हैडफोन की आवाज़ 60 डेसिबल से कम रखे।
उन्होंने कहा कि बहरेपन से बचाव के लिए तेज़ आवाज़ों से बचें, कानों की नियमित जांच कराएं, चिकित्सक की सलाह के बिना दवाएं न लें और संक्रमण से बचाव के लिए कानों को साफ रखें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और नियमित व्यायाम करना भी सुनने की क्षमता को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होता है।
इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय की प्रधानाचार्य मनीषा कोहली, स्वास्थ्य विभाग की ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रियंका, बी.सी.सी. समन्वयक राधा चौहान, महाविद्यालय के अन्य कर्मचारी व विद्यार्थी उपस्थित थे।

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