तकनीक का सकारात्मक एवं सीमित उपयोग सुसंस्कृत समाज और सशक्त व्यक्तित्व के निर्माण  में सहायक

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दून के विधायक राम कुमार चौधरी ने कहा कि बाल मेले बच्चों की छिपी प्रतिभा को उभार कर उनके आत्मविश्वास में वृद्धि करने का सशक्त माध्यम है। राम कुमार चौधरी आज पीएम श्री विद्यालय बद्दी में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन द्वारा आयोजित ज़िला स्तरीय बाल मेले के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
ज़िला स्तरीय बाल मेले में 21 पीएम श्री विद्यालयों के विद्यार्थियों ने  विज्ञान प्रदर्शनी, कला एवं शिल्प प्रदर्शनी, चित्रकला, वाद-विवाद व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, चैस और कैरम आदि गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
राम कुमार चौधरी ने बाल मेले में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं उपस्थित जनसमूह को शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार के बाल मेलों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाओं को पहचानना, निखारना तथा एक सशक्त मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि ज़िला स्तर पर चयनित 30 मेधावी विद्यार्थियों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया जाएगा, वहीं राज्य स्तर से चयनित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिलेगा। इससे न केवल विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वह भविष्य में राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
विधायक ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में निरंतर विकासात्मक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल, सी.बी.एस.ई. पाठ्यक्रम तथा क्लस्टर प्रणाली लागू की गई है। उन्होंने कहा कि बद्दी प्रदेश के अत्यंत महत्वपूर्ण औद्योगिक बी.बी.एन. क्षेत्र का महत्वपूर्ण अंग है। यहां कलस्टर प्रणाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को समय के महत्व को समझने चाहिए। छात्र जीवन का सही उपयोग ही भविष्य की दिशा को तय करता है। उन्होंने कहा कि आज का युग तकनीक का युग है, जहां इसके अनेक लाभ हैं, वहीं इसके दुष्परिणामों से भी सजग रहने की आवश्यकता है। तकनीक का सकारात्मक एवं सीमित उपयोग कर ही एक सुसंस्कृत समाज और सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं, उसी प्रकार विद्यार्थियों का भी यह कर्तव्य है कि वह अपने माता-पिता की अपेक्षाओं पर खरे उतरें और उनके सपनों को साकार करें।
विधायक ने कहा कि छात्र जीवन के लिए चिट्टा जैसे घातक मादक पदार्थ एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार का ‘नशा मुक्त प्रदेश’ का संकल्प आप सभी विद्यार्थियों की जागरूकता और सहभागिता पर निर्भर करता है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेशभर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा ज़िला एवं उपमंडल स्तर पर नियमित रूप से अभियान आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें पंचायत एवं ग्राम स्तर पर समितियों का गठन कर जन सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों की सूचना देने पर प्रदेश सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाकर इसे एक सशक्त, सभ्य और आदर्श राज्य के रूप में विकसित करना है।
इस अवसर पर उप निदेशक शिक्षा गुणवत्ता डॉ. राजेंद्र वर्मा, डॉ. एस.के. शर्मा,  रंजना नायर, ज़िला के 21 पीएम श्री विद्यालयों से आए 651 छात्र, शिक्षक व अभिभावक उपस्थित थे।

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