DNN बिलासपुर
19 मार्च। पोषण जागरूकता के लिए झंडूता में 16 मार्च से 31 मार्च तक होगा पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी झंडूता नरेन्द्र कुमार ने गेहड़वी में आयोजित बैठक में दी। उन्होंने बताया कि पोषण पखवाड़े का आयोजन विभिन्न विभागों के सक्रिय सहयोग से जन आंदोलन के रूप में किया जाएगा। पोषण पखवाड़े का मुख्य उदेश्य पोषण के प्रति लाभार्थियों को जागरूक करना और सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी ने बताया कि पहले 1000 दिनों में तेजी से बच्चे का शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है। जिसमें गर्भवस्था की अवधि से लेकर और बच्चे के जन्म से 2 साल की उम्र तक कि अवधि शामिल है। इस दौरान उचित स्वास्थ्य, पर्याप्त पोषण, प्यार भरा व तनाव मुक्त माहौल तथा सही देखभाल बच्चे का पूरा विकास करने में मदद करते है। इस समय माँ और बच्चे को सही पोषण और खास देखभाल की जरूरत होती है।
उन्होंने बताया कि पौष्टिक आहार सभी उम्र के लोगों के साथ-साथ बच्चे को 6 माह के होने पर पर्याप्त मात्रा में तरह-तरह का आहार आवश्य खिलाना चाहिए, आंगनवाड़ी से मिलने वाला पौषाहार आवश्य खाना चाहिए, बच्चे को बाजार का बिस्कुट, चिप्स, मिठाई, नमकीन और जूस जैसी चीजें न खिलाएं, इससे बच्चे को सही पोषक तत्व नहीं मिल पाते।
अनीमिया से रोकथाम के लिए आयरन युक्त आहार जैसे कि दाल, हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक, मेथी, सरसों, फल, दूध, पनीर आदि खाएं। खाने में नींबू, आंवला, अमरूद जैसे खट्टे फल शामिल करें, जो आयरन के अवशोषण में मदद करते हैं। कृमिनाश के लिए कीड़े की दवा एल्बेंडाजोल की निर्धारित खुराक खानी चाहिए।
वृत पर्यवेक्षक गेहड़वीं उषा नड्डा ने बताया कि पोषण पखवाड़े में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों, किशोर-किशोरियों और महिलाओ को कुपोषण से मुक्ति के बारे में बताएंगी व पोषण के पांच सूत्र क्रमशः पहले सुनहरे 1000 दिन, पौष्टिक आहार, अनीमिया, डायरिया व स्वचछता और साफ- सफाई के बारे में बताएंगी।
इस अवसर पर कार्यकर्ताओं द्वारा रैली निकाली गई















