प्रदेश में बढ़ रहा है आपदा का दायरा, प्रदेश भर में हो रहा नुकसान
सरकार सुनिश्चित करें कम से कम हो आपदा का नुकसान
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ऊना : ऊना में मीडिया के प्रतिनिधियों से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर (Jairam Thakur) ने कहा कि पूरे प्रदेश में आपदा का दायरा बढ़ रहा है। प्रदेश भर में भारी बारिश भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। जिसके कारण जान माल के नुकसान के साथ ही प्रभावितों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि सरकार आपदा को लेकर गंभीर ही नहीं है। सरकार हर बार आपदा को लेकर इधर-उधर की बातें कर रही है। मुख्यमंत्री आपदा के कारण गिना रहे हैं कि इस कारण से हुआ, या उस कारण से हुआ। आपदा के जो कारण हैं, वो हैं। कारण गिनाने के बजाय सरकार राहत और पुनर्वास के कार्यक्रम पर ध्यान दे। इसके साथ ही आपदा से होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने की दिशा में काम करना सुनिश्चित करें।
जय राम ठाकुर ने कहा पिछले दो दिनों में सिरमौर, शिमला, कांगड़ा, धर्मशाला, कुल्लू, मंडी, चंबा, डलहौजी, रामपुर, किन्नौर, लाहौल, बारिश और बादल फटने की घटनाएं सामने आई है। इसकी वजह से कई जगह भूस्खलन हुआ है। ऐसे में प्रभावित लोगों को जल्दी से जल्दी तुरंत राहत प्रदान करने की दिशा में सरकार और प्रशासन को गंभीरता से काम करे। प्रदेश में आपदा प्रभावितों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और सरकार उनकी प्रभावी तरीके से मदद करने के बजाय आंकड़ों में उलझती नजर आ रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने हिमाचल प्रदेश भाजपा संगठनात्मक कार्यशाला में शामिल होने के बाद मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन के संविधान के अनुसार काम करती है। नए सिरे से संगठनात्मक पदाधिकारियों की नियुक्ति के बाद ऐसी कार्यशाला का आयोजन किया जाता है। इसमें औपचारिक परिचय के साथ–साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी किया जाता है। जिससे सभी को अपने दायित्वों की स्पष्टता रहे।
भारी बारिश के चलते लोगों से सतर्क रहने की अपील की
जयराम ठाकुर ने कहा कि बीते दो दिनों से प्रदेश भर में कहीं न कहीं लगातार बारिश हो रही है। जिसकी वजह से नदी नाले उफान पर हैं और जगह-जगह भूस्खलन से बहुत नुकसान हुआ है। अगले 2 दिन भी मौसम के खराब रहने का अनुमान है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से सतर्कता बरतने, अनावश्यक यात्राओं से बचने, अपने, नदी नालों से दूर रहने और अपने परिवार का ध्यान रखने का आग्रह किया।