ग्रीनहाउस ऑपरेटर की भूमिका कार्यक्रम की शुरुआत

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डीएनएन नौणी (सोलन)
डॉ वाईएस परमार औद्यानिकी व वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में ‘ग्रीनहाउस ऑपरेटर की भूमिका’ पर किसानों के लिए एक महीने का कौशल विकास कार्यक्रम की शुरुआत हुई। विश्वविद्यालय के मृदा विज्ञान और जल प्रबंधन विभाग के प्रीसीजन फ़ार्मिंग सेंटर,इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। कार्यक्रम के समन्वयक डा॰ आरएस स्पेहिया, ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए राज्य के30-40 किसानोंको हिमाचल प्रदेश बागवानी विभाग द्वारा प्रायोजित किया जा रहा है।किसानों को निर्माण और मरम्मत, फलों और सब्जियों की नर्सरी उत्पादन और फसल उत्पादन तकनीक वाले ग्रीन हाउस कार्यों के सभी पहलुओं में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा, कार्यक्रम के दौरान रोग और कीट प्रबंधन,संरक्षित स्थितियों में सूक्ष्म सिंचाई प्रबंधन, जैविक खाद और जैव-उर्वरकों के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के बारे में भी बताया जाएगा। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के वैज्ञानिक भी ग्रीनहाउस प्रौद्योगिकी से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे। किसानों को उत्कृष्टता केंद्र,करनाल और चायलकी एक एक्सपोजर यात्राऔर ग्रीन हाउस प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं से अवगत करवाना भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होगा। मृदा विज्ञान और जल प्रबंधन विभाग के प्रमुख डा॰जे.सी. शर्मा ने कहा कि यह राज्य में पहली बार है कि किसी भी सरकारी विभाग ने भारत के कृषि कौशल परिषद (एएससीआई) के साथ संबंधित विषय पर 200 घंटे के कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। कार्यक्रम के अतिम दौर में, प्रतिभागियों का स्वतंत्र परीक्षणकर्ताओं द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा और सफल उम्मीदवारों को एएससीआई द्वारा एक प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाएगा। ग्रीनहाउस ऑपरेटर की नौकरी के लिए यह प्रमाण पत्र पूरे भारत में मान्य होगा।

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