DNN सोलन, 27 जून
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1 पंकज गुप्ता की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 8 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इन्हें 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी ठोका गया है। दोषियों को जुर्माना अदा न करने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। मामले की पैरवी करने वाले पब्लिक प्रॉस्क्यिूटर चंद्र सागर नेगी ने बताया कि 8 जनवरी, 2019 को रात करीब 10 बजे आयशर कंपनी गेट परवाणू के समीप आरोपी पवन व रामफल दोनों मिलकर सुधीर को डंडे से पीट रहे थे। पीटते-पीटते सुधीर नीचे गिर गया और उसके सिर पर गहरी चोटे आई थी। शोर सुनकर राहुल वहां आया और पवन व रामफल को हटाने लगा, लेकिन उन्होंने उसे डरा-धमका कर भागने के लिए कहा। इसके बाद अपनी ड्यूटी से लौट रहे विकास, राजू, पंकज व मुकेश वहां आए और मामले का शांत करवाया। इस बीच आरोपी रामफल व पवन अपने कमरे को चले गए। इस बीच जख्मी सुधीर ने राहुल को बताया कि उसने रामफल को उसकी बहन की शादी के लिए 11 हजार रुपए उधार दिए थे और वह वही पैसे वापस मांग रहा था। इसके पश्चात विकास, राजू, मुकेश, पंकज व राहुल सुधीर को जख्मी हालत में पुलिस थाना परवाणू ले गए, जहां से उसे पुलिस पहले ईएसआई अस्पताल परवाणू ले गई। लेकिन उसकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने सुधीर को सेक्टर-32 चंडीगढ़ स्थित अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां 9 जनवरी को सुधीर की मौत हो गई। पुलिस थाना परवाणू में कार्यरत एसआई अशोक कुमार ने मामले की जांच शुरू की। हत्या का मामला दर्ज किया गया और जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट बनाकर अदालत में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान तमाम सबूतों व गवाहों के बयान के आधार पर वीरवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1 पंकज गुप्ता की अदालत ने इसे गैर इरादतन हत्या का मामला करार देते हुए आरोपियों रामपाल उर्फ रामफल, निवासी गांव चोरिया, डाकघर भावपुर, तहसील सदर, जिला गोरखपुर यूपी और पवन कुमार निवासी गांव महुआ डाबर, डाकघर मिसरोवालिया, तहसील सदर, जिला गोरखपुर यूपी को दोषी करार देते हुए 8 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इन दोषियों पर 10-10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।