DNN सोलन ब्यूरो
4 सितम्बर। खेलों को स्कूल कैंपस के साथ-साथ समुदाय से जोड़कर और खेलों में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाकर राष्ट्रीय पहचान बनाने वाले हेमकुमार शर्मा उर्फशम्मी को (डीपीई) वर्ग में राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित किया गया है। हेम कुमार शर्मा वर्तमान में सोलन के सीसे स्कूल जौणाजी में डीपीई के पद पर कार्यरत हैं।
हेमकुमार शर्मा स्वयं भी अच्छे खिलाड़ी रहे हैं। वो कबड्डी, कुश्ती,योग और हॉकी के प्लेयर रहे हैं। सोलन जिला के विभिन्न स्कूलों मेंकार्य करते हुए,उनकेकरीब २० बच्चे नेशनल लेबल तक पहुंचे हैं। वो अच्छे प्रशिक्षक ही नहीं बल्कि मोटिवेटर भी हैं। साथ ही खेलों को समुदाय से जोडऩा खास कर स्कूल से बाहर के युवाओं को खेलों से जोडऩा उनके जीवन का लक्ष्य रहा है। योग मेंउनकी विशेष रूचि है। वो नेशनल तक के खेल आयोजनों में रेफरी की भूमिका भी निभा चुके हैं। खेलो इंडिया में भी वो देशभर में कोच तथा प्रशासक रूप में प्रदेश का नेतृत्व कर चुके हैं।
वो जहां भी रहे स्कूलों के विकास के लिए दान भी करते रहते हैं। साथ ही समुदाय को भी दान देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। कंडाघाट उपमंडल के सीसे स्कूल क्वारग में उन्होंने दो वर्ष पहले ही पानी की व्यवस्था को सुचारू बनानेे के लिए टुल्लू पंप, पाइप और फीटिंग का काम अपने अनुदान से करवाया।
हेम कुमार शर्मा अच्छे वक्ता और कुशल मंच संचालक भी हैं। खेल प्रतियोगिताओं में वह अक्सर मंच संलाचक के रूप में देखे जा सकते हैं। वह छात्रों को स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्ले के लिए भी तैयार करते हैं। यह भी खेलों का ही एक अंग है।
हेम कुमार शर्मा का जन्म सोलन शहर के साथ लगते धरोट गांव में हुआ। उनकी प्रारंभकि शिक्षा सीसे स्कूल गुग्गाघाट व अन्य सरकारी स्कूलों में हुई। उनके पिता प्रोफेसर हरिवल्लभ शर्मा संस्कृत के प्रकांड विद्वान हैं और सोलन संस्कृत कॉलेज के प्रिंंसिपल भी रहे हैं।
हेम कुमार शर्मा का सपना है कि युवाओं को खेल की तरफ जोडऩे के लिए सामुदायिक खेलों को बढ़ावा दिया जाए। इसमें खासकर हमारे परंपरागत खेलों को। वे चाहते हैं कि कबड्डी,कुश्ती और योग में अच्छे प्रशिक्षण संस्थान हर जिला मेंहोने चाहिए। वह ऐसी अकादमी भविष्य में स्वयं भी चलाना चाहते हैं।















