डीएनएन नालागढ़
नालागढ के निकट खोखरा गांव जेसीबी चलाकर अवैध खनन करने के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। खनन माफिया ने जहां जेसीबी मशीने लगाकर पहाड़ों को बूरी तरह से नोच डाला वहीं साथ लगती निजी व सरकारी भूमि को भी नहीं वकशा गया। पता चला है कि अवैध खनन की आड़ में सैंकड़ों खैर के पेड़ों को जड़ों समेत सफाचट्ट कर दिया गया। वन विभाग ने मौके से 2 जेसीबी मशीनों और 2 टिप्परों जब्त किया है। वहीं पुलिस, प्रशासन, वन विभाग और माईनिंग विभाग ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई आरंभ कर दी है। जांच में सामने आया है कि अवैध खनन का यह काम बिना किसी अनुमति के चल रहा था और लगभग 800 से 1000 टिप्पर मिट्टी और पत्थर के अवैध तरीके से चोरी कर लिए गए। अनुमति को लेकर अभी पुलिस और माईनिंग विभाग की जांच चल रही है। प्रशासन ने जमीन की निशानदेही तक खनन के काम को रोक दिया है। नालागढ़ के खोखरा गांव में अवैध खनन का मामला सामने आया है। जिसमें एक पीडि़त व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि उसकी निजी भूमि को खनन माफिया ने तबाह कर दिया और साथ लगती भूमि को भी खनन से खतरा पैदा हो गया है।
वन विभाग नालागढ़ के डीएफओ जवाहर स्वरूप ने कहा कि वन विभाग की टीम ने मौके का मुआयना कर 2 जेसीबी और 2 टिप्परों को जब्त कर कार्यालय खड़ा किया है। विवादित जमीन की निशानदेही करवाने के आदेश जारी किए गए हैं। वन विभाग की भूमि पर अवैध खनन और खैर के पेड़ों को उखाडऩे के मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद की आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एसपी राहुल नाथ ने कहा कि सूचना मिलते की नालागढ़ पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई थी। मौके की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी की गई है। मामला वन विभाग, सरकारी भूमि व निजी भूमि से जुड़ा है जिसके चलते सभी विभागों की जांच जारी है। नालागढ़ पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।















