कौशल विकास भत्ता योजना बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार का बनी पर्याय

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DNN कुल्लू

07 अप्रैल । जिला कुल्लू में कौशल विकास भत्ता योजना बेरोजगार युवाओं के के लिए सहायक सिद्ध हो रही है। जिला कुल्लू मेें बेरोजगार युवा कौशल विकास के माध्यम से अपने हुनर को निखार कर इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाकर अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ कर रहे हैं। कौशल विकास भत्ता योजना हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा रोजगार विभाग के माध्यम से वर्ष 2013 से चलाई जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के कौशल का विकास करना है ताकि उन्हें रोजगार के लिए दूसरे जिलों तथा राज्यों में न जाना पड़े। कौशल विकास से बेराजगार युवाओं को  अपने जिला में ही घर के नजदीक रोजगार प्राप्त होगा। इससे उनका धन व समय भी बचेगा और घर के नजदीक ही कारोबार कर वे अपनी आर्थिकी को बेहतर बना सकते हैं।
योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा आवेदकों को सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त  निजी प्रशिक्षण संस्थानों से किसी भी प्रकार के कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए दिव्यांग आवेदकों को जिनकी दिव्यांगता 50 प्रतिशत स्थाई रूप से है उन्हें 1500 रूप्ए प्रति माह  तथा अन्य श्रेणी के आवेदकों को 1000 रूपए प्रति माह कौशल विकास भत्ते के रूप में प्रदान किए जाते हैं। इस योजना के अंतर्गत जिला कुल्लू में अब तक कुल 24 हजार 29 लाभार्थी पंजीकृत किए गए हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। इन लाभार्थियों को  कौशल विकास भत्ता के रूप में कुल 24 करोड़ 10 लाख 16 हजार 500 वितरित की जा चुकी है। यह भत्ता केवल दो वर्षों के लिए देय है। गत वर्ष जिला में योजना के तहत 2279 लाभार्थी पंजीकृत किेए गए तथा 1 करोड़ 9 लाख 36 हजार 500 रूप्ए की राशिा वितरित की गई।
जिला रोजगार कार्यालय कुल्लू, उप-रोजगार कार्यालय बंजार तथा आनी में कौशल विकास भत्ता योजना के अंतर्गत 56 हजार 162 आवेदक पंजीकृत हैं, जिनमें से  जिला रोजगार कार्यालय कुल्लू मेें 31 हजार 834, उप रोजगार कार्यालय बंजार में 10 हजार 874 तथा आनी में 13 हजार 454 आवेदक पंजीकृत हैं। शैक्षणिक योग्यता अनुसार इनमें 9,126 स्नातक आवेदक, 3,430 स्नातकोत्तार, दसवीं या इससे ऊपर के 38 हजार 907, अन्य पढ़े-लिखे 4,647 तथा 52 अनपढ़ आवेदक भी पंजीकृत हैं।
इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष, 2017 से एक अन्य बेरोजगार भत्ता योजना भी शुरू की गई है। योजना का मुख्य उददेश्य हिमाचल प्रदेश के योग्य शिक्षित बेरोजगार युवाओं को एक निश्चित अवधि के लिए सक्षम बनाने के लिए बेरोजगारी भत्ता देना है। दिव्यांग आवेदकों को ेजिनकी दिव्यांगता 50 प्रतिशत स्थाई रूप से है उन्हें 1500 रूप्ए प्रति माह तथा अन्य श्रेणी के आवेदकों को 1000 रूपए प्रति माह बेरोजगार भत्ते के रूप में प्रदान ििकए जाते हें। यह भत्ता भी केवल दो वर्ष के लिए देय होता है। योजना में जिला कुल्लू में अब तक 10 हजार 571 आभार्थी लाभान्वित किए जा चुके हें जिन्हें बेरोजगार भत्ते के रूप में 16 करोड़ 2 लाख 45 हजार 500 रूप्ए की राशि  प्रदान की जा चुकी है। योजना के तहत गत वर्ष 2021-22 के दाौरान 5,769 लाभार्थियों को 4 करोड़ 80 लाख 73 हजार रूपए बेरोजगार भत्ता के रूप में वितरित किए गए।
इसी प्रकार औद्योगिक कौशल विकास भत्ता योजना-2018 के अंतर्गत रोजगार विभाग के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के श्रम एवं रोजगार विभाग में कारखाना अधिनियम, 1948 के तहत पंजीकृत उद्योगों में 2 नवम्बर, 2018 के बाद नियुक्त हुए नए कर्मचारियों/ कामगारों के लिए शुरू की गई है। इसका मुख्य उददेश्य हिमाचल प्रदेश के पात्र युवाओं को हिमाचल प्रदेश के उद्योगों/ संस्थानों में काम करते हुए उनके कौशल विकास हेतु भत्ता प्रदान करना है। औद्योगिक कौशल विकास भत्ता ऐसे दिव्यांग आवेदकों जिनकी दिव्यांगता प्रतिशतता 50 प्रतिशत स्थाई रूप से हो, उन्हें 1500/- रूपए तथा अन्य श्रेणी के आवेदकों को 1000/- रूपए प्रति माह दिया जाता है। यह भत्ता केवल दो वर्षों के लिए देय होता है। योजना के अंतर्गत कुल्लू जिला में अब तक 102 लाभार्थी  लाभान्वित हुए हैं जिन्हें 10 लाख 99 हजार रूपए की राशि प्रदान की जा चुकी है।
इसके अतिरिक्त, विभाग द्वारा बर्तमान समय में बेरोजगार युवाओं को राष्ट्रीय आजीविका पोर्टल पर पंजीकृत किया जा रहा है तथा साथ ही निजी क्षेत्र के नियोक्ताओं को भी इसी पोर्टल पर पंजीकृत किया जाता है। अभी तक जिला में कुल एक हजार 898 बेरोजगार युवाओं को पोर्टल पर पंजीकृत किया जा चुका है तथा निजी क्षेत्र में 23 नियोक्ताओं को भी पंजीकृत किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से नियोक्ता तथा बेरोजगार युवा आमने-सामने आ जाते हैं नतीजन बेरोजगार युवाओं को अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार नौकरी ढूंढने तथा नियोक्ताओं को भी अपनी मांग के अनुसार आवेदकों को ढूंढने में आसानी रहती है।

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