DNN नौणी
डॉ॰ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय,नौणी को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद(आई॰सी॰ए॰आर)की कृषि विश्वविद्यालयों और संस्थानों की रैंकिंग में 12वां स्थान हासिल हुआ है। यह रैंकिंग इस सप्ताह नई दिल्ली में आईसीएआर स्थापना दिवस के अवसरपर जारी की गईजिसमें विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ परविंदर कौशल ने भाग लिया। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने इस सूची में 26 स्थानों का सुधार किया है। आईसीएआर रैंकिंग वर्ष 2016 में देश में उच्च कृषि शिक्षा के मानक में सुधार के लिए शुरू की गई थी। इस वर्ष, रैंकिंग में भारत के 60 कृषि विश्वविद्यालयों और संस्थानों को सूची में शामिल किया गया है।कृषि विश्वविद्यालयों को छात्र और संकाय की प्रोफ़ाइल,प्रकाशन,अनुसंधान,प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण आदि जैसे मापदंडों पर आंका गया।
वर्ष 2016 मेंनौणी विवि को इस रैंकिंगमें 51वां स्थान मिला था। वर्ष 2017 में 13 स्थानों का सुधारकर विश्वविद्यालय 38वें स्थान पर रहा। इस साल विश्वविद्यालय ने इस रैंकिंग में 26 स्थानों का सुधारकर 12वां स्थान हासिल कियाहै। नौणी विश्वविद्यालय लगातार देश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में शामिल है। पिछले तीन वर्षों सेनौणी विवि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एन॰आई॰आर॰एफ़॰ रैंकिंग में हिमाचल प्रदेश का सर्वोच्च विश्वविद्यालय रहा है। इस वर्षइस रैंकिंगमेंविश्वविद्यालय ने देश के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में 80वां स्थान हासिल किया था और इस सूची में स्थान पाने वाला राज्य का एकमात्र विश्वविद्यालय था।
विश्वविद्यालय के छात्रों ने आईसीएआर नेट,जेआरएफ,एसआरएफ और अन्य राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं सहित विभिन्न मापदंडों पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। गुणवत्ता प्रकाशन,प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पहल, आईसीएआर डीन समिति की सिफारिशों को लागू करना,राज्य सरकारद्वारा अनुदान और आंतरिक राजस्व में बढ़ोतरी की वजह से विश्वविद्यालय ने इस रैंकिंग में काफी सुधार किया है।इस वर्ष नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट करनालऔर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली को इस रैंकिंग में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान मिला है। जीबी पंत कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,पंतनगर और हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ने क्रमशः तीसरा और चौथा स्थान हासिल किया है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना और गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना क्रमशः सातवें और आठवें स्थान पर हैं। इस अवसर पर डॉ परविंदर कौशल ने विश्वविद्यालय के छात्रों और संकाय को इस उपलब्धि पर बधाई दी और विश्वविद्यालय और कृषि समुदाय की बेहतरी के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। डॉ कौशल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर विश्वविद्यालयों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए, नौणी विवि छात्रों के प्लेसमेंट और करियर विकास को मजबूत करने की दिशा में कार्य करेगा और उच्च श्रेणी के संस्थानों के अपने संबंध स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अकादमिक, अनुसंधान और विस्तार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए प्रयास करना जारी रखेगा और किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में काम करेगा।















