कसौली में आर्मी को देखकर मिली प्रेरणा सोलन का हर्षित बना आर्मी ऑफिसर

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DNN सोलन
सोलन का युवा हर्षित चौहान भारतीय सेना में लैफ्टिनेंट बना। शनिवार को आईएमए देहरादून में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद हार्षित चौहान विधिवत रूप से भारतीय सेना का हिस्सा बने। इस मौके के गवाह हर्षित चौहान के परिजन माता शांता चौहान,पिता ध्यान सिंह चौहान के अलावा दादा नताराम चौहान, चाचा सेवानिवृत नायब सुबेदार भवान सिंह चौहान, बुआ तारा तोमर व  उनका बेटा विवान तोमर भी बने। परिजन अपने बेटे की इस उपलब्धि से गदगद हैं। हर्षित चौहान पहली जुलाई से आर्मी की बॉम्बे इंजीनियर रेजीमेंट में अपनी सेवाएं देगा।
2018 में एनडीए के लिए हुआ था सिलेक्ट
हर्षित चौहान ने बताया कि वह हर्षित मूलत: सिरमौर जिला के कांडो च्योग, तहसील कमरऊ का रहने वाला है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सेंट मैरी स्कूल कसौली से हुई। इस स्कूल से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा उत्तीण की। इसके बाद सोलन के बीएल सेंट्रल पब्लिक स्कूल से जमा दो की परीक्षा पास की।  इसी दौरान साथ में एनडीए के लिए भी एप्लाई किया और पहले ही प्रयास में उनका चयन नेशनल डिफेंस अकादमी खड़कवासला महाराष्ट्र के लिए हुआ। वर्ष 2018 में उनका चयन एनडीए के लिए हुआ था। तीन साल तक एनडीए प्रशिक्षण लेने के बाद एक साल आईएमए देहरादून में प्रशिक्षण लिया और शनिवार को पासिंग आउट परेड के साथ ही वह भारतीय सेना का हिस्सा बन गए। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने का जो उन्हें सौभाग्य मिला है।यह उनके लिए गौरव की बात है।
कहां से मिली हर्षित को प्रेरणा
हर्षित चौहान ने बताया कि उन्हें आर्मी में जाने की प्रेरणा कसौली सेंट मैरी स्कूल से मिली। उनका स्कूल आर्मी कंटोनमेंट एरिया में था और रोज आर्मी के लोग ही उन्हें अक्सर दिखते थे। स्कूल में अधिकतर कार्यक्रमों में आर्मी आफिसर आते थे। उनके कंधों पर लगे सितारों को देखकर,मुझे भी लगा कि क्यों न मैं भी आर्मी आफिसर बनूं। उनकी अनुशासन भरी लाइफ मुझे अच्छी लगती थी और इसके चलते उन्होंने एनडीए में जाने का न सिर्फ मन बनाया अपितु इसके लिए सारी सुख सुविधाएं त्याग कर मेहनत भी की। हर्षित का कहना है कि युवा अपने लक्ष्य को यदि सामने रखकर प्रयास करेंगे तो सफलता उनका आवश्य वरण करेगी।
माता-पिता भी खुश हैं बेटे की उपलब्धि से
हर्षित चौहान के पिता ध्यान सिंह चौहान कलस्टर यूनिवर्सिटी मंडी में  कंट्रोलर के पद पर कार्यरत हैं और माता शांता चौहान शिमला के बालूगंज स्थित हिमाचल हॉस्पिटल ऑफ मेंटस हैल्थ एंड रिहेब्लीटेशन में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। उन्होंने कहा कि उनका बेटा देश सेवा के लिए चुना गया है। यह उनके लिए गर्व की बात है। हर्षित की छोटी बहन मानसी चौहान हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ती है। उसे भी अपने बड़े भाई के आर्मी ऑफिसर बनने पर बेहद खुशी है।

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