उन्होंने कहा कि अर्की तहसील के जितने भी बेरोजगार है उनका सिर्फ कमाई का साधन ट्रांसपोर्टेशन है। उन्होंने कहा कि अर्की क्षेत्र के दो बड़े उद्योग है जिनमें पहला अम्बुजा सीमेंट कंपनी दाड़लाघाट और दूसरा अल्ट्रा सीमेंट कंपनी जो मांगल में स्थित है दोनों उद्योग अर्की तहसील में पड़ते है। शुक्ला ने कहा कि जिनमें सीमेंट और क्लींकर की ढुलाई करने के लिए सबसे पहले एसडीटीओ सभा का निर्माण हुआ फिर एडीकेएम का निर्माण किया गया वैसे ही आगे बाघल लैंड लूजर, गोल्डन सभाओं का निर्माण होता चला गया। शुक्ला ने कहा कि पहले सभा के चुनाव आम सहमति से हुआ करते थे, उसके उपरान्त सभाओं में वार्डों का गठन किया गया व चुनाव प्रक्रिया विभाग के माध्यम से करवाई जाने लगी। सभा एडीकेएम जिसमें कुल 425 सदस्य हैं जिसमें 21 वार्ड बनाए गए हैं। जो मेरे ख्याल से बिल्कुल गलत हैं जो एक्ट 1968 के अन्तर्गत सही नहीं है।

एडीकेएम ट्रांसपोर्ट सोसायटी के पूर्व प्रधान ने लगाए निलंबित हुए प्रधान पर पद का दुरूपयोग करने के आरोप
DNN अर्की (राजन)
01 सितम्बर। अर्की उपमंडल के दाड़लाघाट में एडीकेएम ट्रांसपोर्ट सोसाइटी के निलंबित प्रधान अपने पद का दुरुपयोग कर सभा नियमों के विरुद्ध कार्य कर रहे है। यह आरोप ट्रांसपोर्ट सोसाइटी दाड़लाघाट के पूर्व प्रधान व वर्तमान सदस्य वेद प्रकाश शुक्ला ने एक प्रेस वार्ता के दौरान लगाए।
वेद प्रकाश शुक्ला ने कहा कि विभाग इसमें 67, 69 की जांच अमल में लायें व भ्रष्टाचारियों को दण्डित करें व सजा दें।ताकि आने वाले समय में कोई भी सभा प्रबन्धक ऐसा निंदनीय कार्य करने की हिम्मत न करें। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच करवाने व विजलेंस जांच करवाने की मांग भी रखी।














