6 अप्रैल । राज्य आबकारी एवं कराधान विभाग ने आबकारी नीति वर्ष 2021-22 के प्रबंधन को लेकर सुंदरनगर में राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव (राज्य आबकारी एवं कराधान विभाग) एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जेसी शर्मा ने इस बैठक की अध्यक्षता की ।
उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश के 150 से ज्यादा थोक व परचून विक्रेता, बोटलर तथा बार लाइसेंसियों के साथ अलग-अलग बैठक कर उनकी समस्याओं व सुझावों को सुना। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया वर्ष 2021-22 के लिए आबकारी नीति लागू करने से पहले सभी के सुझावों को ध्यान में रखा जाएगा । सुझावों तथा जरूरतों पर व्यापक विचार कर आबकारी नीति में आवश्यकतानुरूप जरूरी संशोधन को लेकर मामला सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। 
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राजस्व में बढ़ोतरी के प्रयासों के साथ-साथ लाइसेंसियों को समुचित सुविधा प्रदान करने पर बल दे रही है। उन्होंने लाइसेंस धारकों को बाहरी राज्यों से अवैध रूप से लाई जा रही शराब के रोकथाम के लिए भी उचित कदम उठाने का भी आश्वासन दिया। कहा कि होल सेल व लोकल शराब पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। बैठक में राज्य आबकारी एवं कराधान विभाग के आयुक्त रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि विभाग ने बत एक वर्ष में एक्साइज डयूटी से 1650 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया है। विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक कारगर बनाने के लिए इसके आधारभूत ढांचे की मजबूती पर जोर दिया गया है। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त ग्रेड 1 हितेश शर्मा, राज्य मुख्यालय से पधारे अधिकारीगण, प्रदेश के तीनों क्षेत्रीय कार्यालयों के अतिरिक्त एवं संयुक्त आयुक्त,सभी जिलों से आए उपायुक्त और प्रदेश के सभी जिलों आए लाइसेंसियों ने भाग लिया।
















