आप निजी बस में सफर करते हैं, तो सोमवार से हो सकते हैं परेशान

Arki Baddi Baddi + Doon Kasauli Nalagarh Others Solan

DNN सोलन ब्यूरो
02 मई। जिला सोलन में 220 निजी बसों के पहिए सोमवार से जाम हो जाएंगे। निजी बस ऑपरेटरों को यह कदम सरकार द्वारा मांगे न मानने पर उठाना पड़ रहा है। जिला के विभिन्न रूटों पर चलने वाली निजी बसों के सोमवार को न चलने के कारण लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकती है। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा जब तक निजी बस ऑपरेटरों की मांगों को नहीं माना जाता है तब तक बस ऑपरेटर सड़कों पर बसें नहीं दौड़ाएंगे। हालांकि, इसके बारे में बस आपरेटर कई बार बसों की हड़ताल की चेतावनी दे चुके हैं और निजी बस ऑपरेटरों द्वारा कई बार प्रदेश व जिला स्तर से अपनी समस्याओं को लेकर सरकार से मांग कर चुके है, लेकिन सरकार द्वारा इनकी मांगे नहीं मानी गई है। इसके चलते अब निजी बस ऑपरेटरों को यह कदम उठाने में मजबूर होना पड़ रहा है।
बता दें कि निजी बस ऑपरेटरों को बसें दौड़ाने के लिए विशेष पथ कर व टोकन टैक्स का भुगतान करना पड़ता है, लेकिन कोरोना काल के दौरान टोकन टैक्स व विशेष पथ कर देने में निजी बस ऑपरेटर असमर्थ हो रहे है। जैसे-जैसे कोरोना वायरस के मामलें प्रदेश में फिर बढ़ते जा रहे है इसको लेकर बसों में सवारियां फिर कम होती जा रही है।
निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि अब फिर लोग
सफर छोड़ अपने निजी वाहनों में सफर कर रहे है। इसके चलते बसों में सवारी नाममात्र है। कोरोना की स्थिति से निपटने के लिए सरकार द्वारा जारी आदेशों की पालना निजी बस संचालक कर रहे है और 50 फीसदी सवारियों के साथ ही बसें चला रहे है। कोरोना के दौरान बसों को चलाने के लिए कई अन्य प्रकार की समस्याएं भी बस ऑपरेटरों को झेलनी पड़ रही है। उनका कहा है कि प्रदेश सरकार को कई बार विशेष पथ कर व टोकन टैक्स को माफ करने के लिए ऑपरेटर मिल चुके है, लेकिन इसका हल नहीं निकला जा रहा है।
गौरतलब हो कि इससे उनके भी निजी बस ऑपरेटर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर चुके है। उस दौरान सरकार द्वारा किराया बढ़ोतरी की मांग को पूरा किया गया था। इसके बाद प्रदेश में किरायों में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन अब फिर कई प्रकार की मांगों को लेकर निजी बस ऑपरेटर प्रदेशव्यापी हड़ताल करने जा रहे है।

निजी बस ऑपरेटरों की यह भी बड़ी मांग
निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि सरकार द्वारा निजी बस ऑपरेटरों व सरकारी बस के लिए दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी बसीं के लिए कई बार राशि जारी हो चुकी है तो निजी बस ऑपरेटरों की भी यह मांग है कि उन्हें भी वर्किंग कैपिटल जारी ही। यह वर्किंग कैपिटल जीरो फीसदी ब्याज पर सरकार द्वारा जारी की जाए।

क्या कहना है शूलिनी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रधान का
शूलिनी बस ऑपरेटर यूनियन सोलन के प्रधान मेहता रघुवीन्द्र सिंह (जॉनी) का कहना है कि निजी बसों की प्रदेशव्यापी हड़ताल में जिला सोलन के निजी बस ऑपरेटर भी साथ देंगे। उनका कहना है कि कोरोना के दौरान कई प्रकार की समस्याएं सामने आई है, लेकिन निजी बस ऑपरेटर सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे है। सरकार द्वारा जारी सभी नियमों का पालन किया जा रहा जाए। परन्तु समस्याओं का अभी तक हल नहीं निकल पा रहा है। उनका कहना है कि जब तक सरकार निजी बस ऑपरेटरों की मांगें पूरा नहीं करती है तब तक वह अपनी बसें खड़ी करने में लामबंद है।

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