DNN सोलन ब्यूरो
3 मई। निजी बस ऑपरेटरों की प्रदेशव्यापी हड़ताल में जिला सोलन के निजी बस संचालक भी हिस्सा बने व सोमवार को जिला में निजी बसों के पहिए थमे रहे। हड़ताल के चलते जिला सोलन के विभिन्न रूटों पर चलने वाली लगभग 220 निजी बसें नहीं चलाई गई। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में व कामकाज को लेकर एक जगह से दूसरी जगह जाने वाले लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। निजी बस संचालकों का कहना है कि जब तक सरकार द्वारा उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तब तक वह अपनी बसें खड़ी रखेंगे। जिलाभर में निजी बसों के न चलने का असर बाजारों में भी देखा गया। निजी बसों न चलने कारण कम ही लोग घरों से बाहर निकले और बाजारों में वीरानगी देखने को मिली है।
उधर, निजी बसों की हड़ताल के बाद सोमवार सुबह से ही सरकारी बसों ने मोर्चा संभाला है और आवश्यकता पडऩे पर ही सरकारी बसों को ग्रामीण रूटों पर दौड़ाया गया है। प्राइवेट टैक्सी चालकों ने भी इस हड़ताल का फायदा उठाते हुए लोगों को गंतव्य तक पहुंचाया है। अब देखना यह होगा कि निजी बस संचालकों द्वारा की गई इस हड़ताल का कितना असर होता है।
बता दें कि निजी बस ऑपरेटर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार से हड़ताल पर चले गए हैं। निजी बस आपरेटरों की सरकार से मांग है कि बसों को चलाने के लिए विशेष पथ कर व टोकन टैक्स का भुगतान करना पड़ता है, लेकिन कोरोना काल के दौरान टोकन टैक्स व विशेष पथ कर देने में निजी बस ऑपरेटर असमर्थ हो रहे हैं। जैसे-जैसे कोरोना वायरस के मामले प्रदेश में फिर बढ़ते जा रहे हैं इसको लेकर बसों में सवारियां फिर कम होती जा रही हैं। निजी बस ऑपरेटरों का कहना है कि अब फिर लोग सफर छोड़ अपने निजी वाहनों में सफर कर रहे हैं। इसके चलते बसों में सवारी नाममात्र है। कोरोना की स्थिति से निपटने के लिए सरकार द्वारा जारी आदेशों की पालना निजी बस संचालक कर रहे हैं और 50 फीसदी सवारियों के साथ ही बसें चला रहे हैं। कोरोना के दौरान बसों को चलाने के लिए कई अन्य प्रकार की समस्याएं भी बस ऑपरेटरों को झेलनी पड़ रही है। प्रदेश सरकार को कई बार विशेष पथ कर व टोकन टैक्स को माफ करने के लिए ऑपरेटर मिल चुके है, लेकिन इसका हल नहीं निकला जा रहा है।
गौरतलब हो कि इससे उनके भी निजी बस ऑपरेटर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर चुके हैं। उस दौरान सरकार द्वारा किराया बढ़ोतरी की मांग को पूरा किया गया था। इसके बाद प्रदेश में किरायों में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन अब फिर कई प्रकार की मांगों को लेकर निजी बस ऑपरेटर प्रदेशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं।
निजी बस ऑपरेटरों की यह भी बड़ी मांग
निजी बस आपरेटरों का कहना है कि सरकार द्वारा निजी बस आपरेटरों व सरकारी बस के लिए दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी बसों के लिए कई बार राशि जारी हो चुकी है तो निजी बस आपरेटरों की भी यह मांग है कि उन्हें भी वर्किंग कैपिटल जारी हो। यह वर्किंग कैपिटल जीरो फीसदी ब्याज पर सरकार द्वारा जारी की जाए।
क्या कहना है शूलिनी बस ऑपरेटर के प्रधान का
प्रदेशव्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए जिला सोलन में विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की 220 निजी बसें सोमवार को ऑपरेटरों ने नहीं चलाई हैं। आपरेटर संघ ने सरकार के समक्ष कोरोना काल में पथकर व टोकन टैक्स न लेने की मांग की थी। निजी बस आपरेटरों की कमाई शून्य हो गई है और खर्चे फिर बढ़ते जा रहे हैं। जब तक उनकी मांगे सरकार नहीं मानती तब तक बसें नहीं चलाई जाएंगी।
– मेहता रघुवीन्द्रा सिंह (जोनी)
प्रधान, बस आपरेटर संघ, सोलन।















