DNN धर्मपुर(सोलन)
09 अप्रैल। धर्मपुर क्षेत्र की प्यास बुझाने के लिए अब रोजाना गिरि पेयजल योजना की सप्लाई रोजाना आएगी। योजना का पानी रोजाना धर्मपुर को मिलने से काफी हद तक पेयजल किल्लत का सामना लोगों को नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, जल शक्ति विभाग ने आगामी गर्मियों को देखते हुए लोगों से किफायत से पानी का प्रयोग करने का आग्रह किया है, ताकि लोगों को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़ें।
बता दें कि धर्मपुर क्षेत्र के लोगों को वर्तमान में पांच से छह दिन बाद पानी की सप्लाई हो रही है। इसका मुख्य कारण पेयजल स्त्रोतों में पानी की कमी आना है। बारिश के न होने के चलते इस बार पेयजल स्त्रोत जल्दी ड्राय हो गए है। हालांकि, विभाग स्थिति से निपटने के लिए लोकल स्त्रोतों से मोटर चला कर पानी लिफ्ट कर रहा है। उधर, धर्मपुर को तीन दिन बाद गिरि योजना की सप्लाई मिलने के कारण भी समस्या का सामना लोगों को करना पड़ रहा था। बरहाल, अब धर्मपुर को रोजाना गिरि योजना की सप्लाई दी जाएगी। इससे धर्मपुर के लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार धर्मपुर में तीन हज़ार से अधिक पानी के कुनैक्शन है। लोगों की प्यास बुझने के लिए रोजाना धर्मपुर क्षेत्र को लगभग 06 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन विभाग के पास केवल तीन लाख लीटर पानी होता है। पानी की खपत को पूरा करने के लिए विभाग ने अब कमर कस ली है।
24 घंटे में मात्र 10 से 15 हज़ार लीटर पानी
धर्मपुर की सबसे पुरानी डगरोह पेयजल पेयजल में 24 घंटे में मात्र 10 से 15 हज़ार लीटर पानी की उठ पता है। हालांकि विभाग यहां पर पानी की कमी के चलते तीन घंटे हो मोटर चला पा रहा है। कि इस योजना से रोजाना 06 लाख लीटर पानी रोजाना उठाया जाता था, लेकिन इस बार बारिश के न होने से यह स्त्रोत ड्राई हो गया। क्या कहना है सहायक अभियंता का
जल शक्ति विभाग उपमंडल धर्मपुर के सहायक अभियंता ई. नरेश कुमार का कहना है कि अब धर्मपुर को रोजाना गिरि योजना की सप्लाई मिलेगी। इससे लोगों को काफी फायदा होगा। वहीं डगरोह पेयजल से मात्र 10 से 15 हज़ार पानी ही उठ रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि पानी की किल्लत व आगामी गर्मियों को देखते हुए किफायत से पानी का प्रयोग करें।
क्या कहना है अधिषासी अभियंता का
जल शक्ति विभाग मंडल सोलन के अधिषासी अभियंता ई. सुमित सूद का कहना है कि धर्मपुर को रोजाना गिरि पेयजल योजना की सप्लाई दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बारिश के न होने से पानी के स्त्रोत ड्राई हो गए है।















