DNN सोलन ब्यूरो
10 सितंबर। कोरोनावायरस के बीच करीब 5 माह के बाद गुरुवार से मंदिरों के अंदर कपाट भक्तों के लिए खुल चुके हैं। लंबे इंतजार के बाद आदमी भक्तों को शक्तिपीठों के दर्शन करने को मिल रहे हैं। सुबह से ही भक्तों की भीड़ मंदिरों के आसपास से की जा रही है, लेकिन सावधानियों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मंदिरों में एक समय में सिर्फ एक ही व्यक्ति को प्रवेश मिल रहा है। सोलन में भी सूर्य शक्ति पीठ जटोली शिव मंदिर मैं सुबह से ही भक्तों का आना जाना लगा हुआ है। मन्दिर के खुलने के पश्चात सोलन की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी देवी केे मंंदिर में डीसी सोलन शीश नवाकर जिला में कोरोना के बढ़ते संक्रमण से बचाव के लिए मां से आशीर्वाद मांगा है।
बुजुर्गों ,गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर मन्दिर आने पर लगी रोक
उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के बीच कुछ शर्तों के साथ करीब साढ़े पांच माह के बाद आज हिमाचल में श्रद्धालुओं के लिए खुल रहे है, श्रद्धालुओं को मंदिरों के द्वार, दीवारें, धार्मिक पुस्तकें, मूर्तियां आदि छूने की इजाजत नहीं है। मंदिरों की घंटी बजाने पर भी पाबंदी लगाई गई है। 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से छोटे बच्चों को मंदिरों में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी गई है। इसके अलावा राज्य सरकार ने सभी धार्मिक स्थलों के लिए एसओपी की घोषणा भी की है।
थर्मल स्कैनिंग और सेनेटाइज होकर ही मिलेगा मन्दिर में प्रवेश
मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं को शर्तों का पालन करना होगा। मंदिर द्वार पर उनकी थर्मल स्कैनिंग की जाएगी. प्रदेश में मंदिर खुलने को लेकर डीसी ने कहा कि हमने एसओपी जारी की है। जिसमें विस्तृत रूप से जानकारी दी है। आज से सभी मंदिर खुलने वाले हैं। सभी जरूरी आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रसाद लाने और ले जाने की अनुमति नहीं है।
ये कहना है भक्तों का
वहीं मंदिर में मां के दर्शन करने आ रहे भक्तों का कहना है कि लंबे अरसे के बाद उन्हें मंदिर के दीदार करने को मिले हैं उनका कहना है कि वे रोजाना मंदिर के बाहर से ही माथा टेक कर मां से महामारी से लड़ने की कामना करते थे लेकिन आज मां के दर्शन कर उन्हें सुकून मिल रहा है।कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रदेश में मंदिर तो खुल रहे हैं, लेकिन आस्था के साथ-साथ लोगों को कोरोना नियमों को भी ध्यान में रखना होगा। इस बात में कोई दो राय नहीं कि प्रशासन और सरकार जनता की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारी सब की बराबर की है।















