DNN अर्की (राजन)
जिला सोलन के अर्की में मनाए जाने वाले प्राचीन व ऐतिहासिक सायर मेला कोविड-19 महामारी के चलते मात्र परम्पराओं का निर्वहन किया गया। जिसमे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुर्वेद मंत्री डॉ राजीव सैजल ने माँ महाकाली माता मंदिर में विधिवत रूप से पूजा अर्चना की गई। इसके पश्चात मंदिर परिसर में ही झोंटे का पूजन करके मेले का शुभारंभ किया गया। इस दौरान एसडीएम अर्की विकास शुक्ला व भाजपा के नेता रत्न सिंह पाल सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
जिला सोलन का प्राचीन व ऐतिहासिक सायर मोहत्सव अर्की मेले के नाम से जाना जाता है। इस मेले में माँ महाकाली की पूजा अर्चना व झोंटा पूजन के पश्चात ही सायर उत्सव का शुभारंभ होता है। लेकिन देश व हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 महामारी के चलते इस वर्ष मेले की मात्र प्राचीन परम्पराओं का ही निर्वह किया गया। ताकि जिला सोलन और अर्की उपमंडल के वासियों पर माता महाकाली की असीम कृपा व आश्रीवाद सदैव बना रहे। इसलिए अर्की में सायर मेले के सुअवसर पर मात्र माहकाली माता के मंदिर में माता की पूजा अर्चना और झोंटा पूजन करके प्राचीन परम्पराओं का निर्वहन किया गया है। सायर उत्सव की जिला वासियो को शुभकामनाए देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुर्वेद मंत्री डॉ राजीव सैजल ने कहा कि कोविड महामारी के चलते देश व प्रदेश में कोई भी मेले व उत्सव नही मनाए जा रहे है। इसी लिए आज प्राचीन व ऐतिहासिक सायर मोहत्सव पर भी मात्र परम्पराओं का ही निर्वाहन किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री से बॉर्डर खोले जाने व कोविड 19 महामारी के प्रदेश व जिला सोलन में बढ़ते मामलों के बारे में किए गए सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि लोगों को अन्य राज्यो में आने जाने के लिए परमिशन लेने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसी लिए बॉर्डर खोलने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में और अधिक मामले आते है तो भी सरकार के पास इस महामारी से निपटने के लिए पर्याप्त संसधान है और अन्य सभी तैयारियां भी दरुस्त है। उन्होंने कहा कि इस महामारी के बचाव में मास्क व उचित दूरी बनाए रखने के नियमों की सख्ती से प्रदेश के लोग भी जिम्मेवारी के साथ पालना करे।
















