DNN बिलासपुर
श्री नैनादेवी श्रावण अष्टमी नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और सहजता से उन्हें मां नैना देवी जी के दर्शन हो सके, इसके लिए आवश्यक है कि जिला प्रशासन के साथ-साथ मंदिर अधिकारी तथा डियुटी पर लगाए गए कर्मचारी, न्यासी तथा स्वयंसेवी संस्थाएं पूर्ण तत्परता, सहयोग और श्रद्धा भाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए श्रद्धालूओं की सुविधा के लिए कार्य करें । यह दिशा-निर्देश उपायुक्त मन्दिर न्यास श्री नैनादेवी जी विवेक भाटिया ने उतरी भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैनादेवी जी में आगामी 12 अगस्त से 20 अगस्त, 2018 तक आयोजित किए जाने वाले श्रावण अष्टमी मेलों के सफल आयोजन के लिए श्री नैनादेवी जी स्थित मातृ आंचल में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी को मेला अधिकारी व उप मण्डलाधिकारी स्वारघाट को सहायक मेला अधिकारी तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया जाएगा । उन्होंने कहा कि मेला श्री नैनादेवी जी के पूरे क्षेत्र को नौ सैक्टरों में विभाजित किया जाएगा तथा प्रत्येक सैक्टर में सैक्टर अधिकारी तैनात किए जाएंगे तथा लगभग 25 स्थानों पर रोड मैप लगाए जाएंगे जो कि दर्शाएंगे कि श्रद्धालु कहां पहुच रहे हैं और साथ में यह भी दर्शाएंगे कि किस -किस स्थान पर कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुख्ता प्रबन्ध किए जाएंगे तथा नागरिक सुरक्षा व यातायात सुचारू व सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, होम गार्ड के अतिरिक्त लगभग 150 सेवा दल के जवानों को सभी सैक्टरों में अपनी सेवाएं देने के लिए तैनात किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेला स्थल के दो स्थानों पर गैस के बड़े-बड़े गुब्बारे लगाए जाएंगे और मेलेे के दौरान गुम होने वाले बच्चों को उस स्थान पर रखा जाएगा ताकि गुम होने वाले बच्चों के अविभावक/परिजन उन्हें वहां से सुरक्षित ले जा सकें।
उन्होंने बताया मेले से पूर्व कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद श्री नैना देवी जी के भवनों में जाकर निरीक्षण करेंगे ताकि श्रद्धालुओं को इन भवनों में ठहरने से कोई भी परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि श्री नैना देवी जी के प्रत्येक भवनों का पूर्ण रूप से निरीक्षण किया जाए और यदि कोई भवन असुरक्षित है तो उस भवन मालिक को नगर परिषद श्रद्धालुओं को न ठहराने के लिए निर्देश देंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 से पूर्व में बने भवनों का निर्धारित निरीक्षण समिति गहनता से निरीक्षण करे। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को ठहराने के लिए सभी को निर्धारित निरीक्षण समिति से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि मेले के दौरान जब कतरों व अन्य असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी विजीलैंस टीमें कार्य करेंगेी जो कि सजग, सचेत और प्रशिक्षित होंगी। उन्होंने कहा कि इस कार्य में पुलिस विभाग के अधिकारी भी अपना आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे।
पुलिस सहायता केन्द्र स्थापित किए जाएगें
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेले के दौरान टोबा, घवांडल, सिंहद्वार, तथा बस अडडा में पुलिस सहायता केन्द्र स्थापित किए जाएगें जो कि दिन-रात चैबीसो घण्टे कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की भगदड़ या अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुख्ता प्रबन्ध किए जाएंगे और बस स्टैण्ड से माता के दरवार तक पैदल रास्तों में कम से कम 5 या 6 बैरियर सौ से 150 मीटर पर स्थापित किए जाऐंगे, ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ को रोका जा सके तथा भगदड़ से भी बचा जा सके। उन्होंने कहा कि मां के दर्शनों के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर की गतिविधियों अथवा अनुष्ठानों की जानकारियां उपलब्ध करवाने के लिए बस अडडे से मन्दिर परिसर तक पैदल चलने वाले रास्ते पर चयनित स्थलों पर स्क्रीनें स्थापित की जाएगी ताकि श्रद्धालु मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की घटती-बढ़ती तादाद को स्क्रीन के माध्यम से देखने के साथ-साथ श्रद्धा व धैर्य से माता के दर्शन कर गंतव्य की ओर बढ़ सकें। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को मेले के दौरान किसी भी विषय पर अपनी समस्या को रखने के लिए मेला समिति द्वारा व्हाटसप नम्बर जारी किया जाएगा जिस पर श्रद्धालु अपनी समस्या से सम्बन्धित शिकायत कर सकेंगे। जबकि मेले की वस्तुतः स्थिती की जानकारी प्राप्त करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का व्हाटसप ग्रुप बनाया जाएगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, ए.एस.पी भागमल, ए.डी.एम स्वारघाट अनील चैहान, एस.डी.एम सदर प्रियंका वर्मा, डी.आर.ओ देवी राम, तहसीलदार एवं मंदिर अधिकारी दुर्गा दास यादव, प्रधान ग्राम पंचायत टोबा राम दास चैधरी, प्रधान ग्राम पंचायत घवांडल मीना कुमारी, प्रधान ग्राम पंचायत मंडयाली कमला देवी के अतिरिक्त पंजाब राज्य से सरकारी अधिकारी तथा गैर सरकारी व्यक्ति व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


















