लोकसभा चुनाव में स्थापित होंगे 557 मतदान केंद्र, 19 सेक्टर मजिस्ट्रेट जबकि 70 सेक्टर अधिकारियों की होगी तैनाती

Politics Solan
DNN सोलन
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनोद कुमार ने आज यहां कहा कि लोकसभा चुनाव में सोलन जिला में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न करवाने के लिए 19 सेक्टर मजिस्ट्रेट जबकि 70 सेक्टर अधिकारियों की तैनाती भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी 2019 के आधार पर जिले के 383070 मतदाता लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि मताधिकार के लिए जिले में 557 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि कुल 557 मतदान केंद्रों में से 34 अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं।  इनमें से सर्वाधिक 13 मतदान केंद्र नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के तहत हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जो मतदाता फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर सकेंगे वे अपनी पहचान की पुष्टि के लिए पासपोर्ट,  ड्राइविंग लाइसेंस,  नियोक्ता द्वारा जारी किया गया पहचान पत्र,  बैंक या डाकघर द्वारा जारी पासबुक,  पैन कार्ड,  श्रम मंत्रालय द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड,  मनरेगा जॉब कार्ड,  हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड, पेंशन कागजात,  संसद सदस्य,  विधायक या म्यूनिसिपल काउंसिलर  को जारी आधिकारिक पहचान पत्र और आधार कार्ड दिखा सकते हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा रैलियों और सभाओं के आयोजन के लिए सहायक निर्वाचन अधिकारियों द्वारा स्थलों को चिन्हित किया गया है। यह स्थल राजनीतिक दलों द्वारा लिखित आवेदन पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध किए जाएंगे।  जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता को सुनिश्चित बनाने के लिए 15 स्टेटिक सर्विलांस टीमों का गठन किया गया है।  जबकि इतनी ही संख्या में फ्लाइंग स्क्वायड भी तैनात रहेंगे। इसके अलावा 10 वीडियो सर्विलांस टीमें भी गठित की गई हैं। चुनाव प्रचार के दौरान रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक किसी को भी लाउड स्पीकर बजाने की अनुमति नहीं रहेगी। इसके अलावा मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पूर्व तक की अवधि के दौरान भी लाउडस्पीकर का प्रयोग पूर्णतया वर्जित होगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव प्रचार के लिए किसी भी धार्मिक स्थल या पूजा स्थल का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों या प्रत्याशियों द्वारा चुनाव प्रचार रैलियों और सभाओं इत्यादि के आयोजन के लिए प्रयुक्त की जाने वाली विभिन्न आइटमों के रेट चार्ट को भी अनुमोदित किया जा चुका है।  इसी रेट चार्ट के आधार पर व्यय को संबंधित प्रत्याशी या राजनीतिक दल के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा।

News Archives

Latest News