Dnewsnetwork सोलन, 10 अगस्त
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आई.टी.आई.), सोलन द्वारा आज प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस मेले ने युवाओं एवं इच्छुक अभ्यर्थियों को स्थानीय उद्योगों के साथ जुड़कर प्रशिक्षुता के अवसरों की जानकारी प्राप्त करने तथा रोजगारोन्मुखी कौशल विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता निदेशालय शिमला के उप निदेशक करतार सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सायरी के प्रधानाचार्य राहुल डोगरा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।
मेले में विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले 14 प्रतिष्ठानों एवं उद्योगों ने भाग लिया। उद्योग प्रतिनिधियों ने उपस्थित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षुता प्रशिक्षण, कार्यस्थल की आवश्यकताओं, रोजगार की संभावनाओं तथा करियर विकास के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उद्योगों की सक्रिय भागीदारी ने कौशल विकास एवं रोजगार सृजन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।
मेले के दौरान लगभग 200 अभ्यर्थियों ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर पंजीकरण करवाया तथा उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया। यह युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करने तथा उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में इस पहल की सफलता को दर्शाता है।
इस अवसर पर राजकीय आई.टी.आई. सोलन की प्रधानाचार्य इंजीनियर नवीन कुमारी ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेला, कौशल भारत मिशन के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि संस्थान युवाओं को उद्योगों से जोड़ने तथा उन्हें रोजगारोन्मुखी अवसर उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने मेले के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले उद्योगों, अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से उद्योग–संस्थान सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
यह प्रशिक्षुता मेला युवाओं के कौशल विकास, रोजगार संवर्धन तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में भाग लेने वाले उद्योगों एवं अभ्यर्थियों ने भी मेले की सराहना करते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों के दायरे को और विस्तारित करने की आवश्यकता पर बल दिया।














