DNN नाहन
03 जुलाई। भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा संग बड़ी शान के साथ भगवान जगन्नाथ जी ने आज रविवार को ऐतिहासिक शहर नाहन का भ्रमण किया। इससे पूरा शहर दिन भर भगवान जगन्नाथ जी की भक्ति में डूबा नजर आया।
दरअसल पारंपरिक वाद्ययंत्रों, बैंडबाजे और डीजे पर भजनों की मनमोहक धुनों के बीच नाहन शहर में भगवान जगन्नाथ जी की भव्य रथयात्रा निकाली गई। शहर में जहां से भी अधिष्ठाता जगन्नाथ निकले, वहां पुष्प वर्षा की गई। इस ऐतिहासिक पल के गवाह हजारों लोग बने। श्रद्धालुओं की भीड़ इस अलौकिक दृश्य को अपने मोबाइल और कैमरों में कैद करते हुए देखी गई। रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलभद्र का भव्य मिलन देख लोग भावविभोर हो उठे।
रथयात्रा से पूर्व ऐतिहासिक बड़ा चौक बाजार में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में विग्रहों की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भगवान पालकी में सवार होकर चौगान की ओर चल दिए। अधिष्ठाता की पालकी यात्रा शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए चौगान मैदान पहुंची। यहां भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलभद्र बारी-बारी विशाल रथ में विराजमान हुए। विग्रहों को रथ पर आरुढ़ करके 56 भोग अर्पित कर जगन्नाथ जी की पूजा अर्चना की गई।
इसके बाद ऐतिहासिक चौगान मैदान से भव्य रथयात्रा का आगाज हुआ। हरे कृष्णा, हरे राम, हरे कृष्णा हरे हरे के जयकारों को लगाते हुए लोगों ने रथ का रस्सा खींचा। नंगे पांव पुण्य कमाने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ी। रथयात्रा चौगान मैदान से माल रोड, गुन्नूघाट, पक्का तालाब और कच्चा तालाब होते हुए देर शाम तक रघुनाथ मंदिर पहुंचेगी। यहां से भगवान पुनः पालकियों में सवार होकर वापिस भगवान जग्गनाथ मंदिर में पहुंचेंगे, जहां पर यात्रा का समापन होगा।
बता दें कि रथ यात्रा के दौरान शहर भर में जगह-जगह श्रद्धालुओं के खान-पान के लिए कई व्यंजनों को भी प्रसाद के तौर पर वितरित किया गया।















