DNN बीबीएन
20 अगस्त। औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में जहां कुछ बेलगाम उद्योग दिन- रात प्रदूषण फैला रहे है जिन्हे न सरकार ओर न ही प्रशासन का डर है। वहीं,औद्योगिक क्षेत्र झाड़माजरी के काठा बाल्द नदी के समीप बनी काली राखी की डंपिंग साइड नदियों में जहर घोलने का कार्य कर रही है। बाल्द नदी के एक किनारे पर बनी राखी की डंपिंग साईड से प्रदूषण अपनी चरम सीमा पर है। औद्योगिक क्षेत्र में यदि हल्की- हल्की हवा भी चलती है तो डंपिंग साइट से काली राखी हवा में मिलकर वायू प्रदूषण फैलाती है। हवा चलने पर हाल इतने बदतर हो जाते है कि आस- पास के क्षेत्र के गांव- घरों ओर फसलों पर काली राखी पड़ी साफ नज़र आती है।

काठा में बल्द नदी के किनारे बनी इस डंपिंग साइट का आस- पास के लोगों द्वारा कई बार विरोद्ध किया जा चुका है लेकिंन अभी तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा इस डंपिंग साइट से फैल रहे प्रदूषण का कोई भी उचित समाधान नहीं निकाला गया। बरसात के मौसम में बाल्द नदी में जल स्तर काफी ज्यादा ओर बहाव तेज रहता है क्योंकि पहाड़ों में होने वाली भारी बारिश का पानी बाल्द नदी से होता हुआ ही सरसा में जाकर मिलता है ओर नदी के एक तरफ बनी काली राखी की डंपिंग साइट से काली राखी पानी के बहाव में बहकर पूरी सरसा नदी का पानी प्रदूषित कर रही है। वहीं सुबह करीब 10 बजे क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण बाल्द नदी के किनारे बने काली राखी की डंपिंग साइट का एक बड़ा हिस्सा पानी के साथ बह गया जिस कारण बाल्द नदी के पानी से साथ- साथ क्षेत्र में बह रही सरसा नदी का पानी भी काला ओर प्रदूषित हो गया।
क्या कहते है बीबीएन प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एसई
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एसई से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने विभाग के जेई को मौके पर डंपिंग साइट का निरिक्षण करने के लिये भेज दिया है। यह साइट हिमाचल इंडस्ट्रियल सर्विसेज के अधीन है ओर उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है ओर सात दिन के भीतर जवाब मांगा है।
क्या कहते है एसडीएम नालागढ़
एसडीएम नालागढ़ महेन्द्र पाल से बातचीत कि गई तो उन्होंने कहा कि सबंधित विभाग को जांच के लिये आदेश दे दिये गये है ओर उनसे जल्द ही इस मामले में रिर्पोट मांगी गई है।
क्या कहते हैं दून के पूर्व विधायक
पूर्व विधायक राम कुमार चौधरी से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें गांव के कुछ लोगों द्वारा और पंजाब से कुछ पत्रकारों ने इस बारे में पूछा है जिस पर उन्होंने खुद जाकर भी मौके पर जायजा लिया और प्रदूषण विभाग और एनजीटी में इसकी कंप्लेंट भी की है।


















