DNN आनी (चमन)
आनी उपमण्डल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुटवा में छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। सरकार भले ही बेहतरीन शिक्षा प्रदान करने के लाखों दावे कर ले लेकिन इन दावों की धरातल पर पोल खुलती नजर आ रही है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुटवा में महत्वपूर्ण पद पिछले दो सालों से खाली चल रहे हैं । इन पदों के खाली के चलते अभिभावकों का शिक्षा विभाग व सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है। आलम यह है कि विद्यालय में प्रवक्ताओं के पाँचों पद खाली है । हैरानी की बात है कि वर्ष 2016 में राजकीय उच्च विद्यालय से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक के रूप में स्तरोन्नत की गई पाठशाला में सरकार अध्यापकों को भेजना ही भूल गई । महज़ कुछ समय के लिए हिंदी भाषा के प्रवक्ता विद्यालय में आये थे अब उनका भी तबादला हो चुका है । बिना अध्यापकों के पाँचों महत्पूर्ण विषय से विद्यालय व अविभावक परेशान है ।
इतना ही नहीं उच्च स्तर तक प्रधानाचार्य, शारीरिक शिक्षक और कला अध्यापक के सिबाये अन्य सभी पद खाली है । विद्यालय प्रधानाचार्य राजेश ठाकुर ने बताया कि स्टाफ की कमी के साथ विद्यालय में लेखा कार्यों हेतु क्लेर्किल स्टाफ भी नहीं है । विद्यालय में प्रवक्ता के सभी पद खाली है । साथ ही उच्च स्तर तक भाषा अध्यापक, टीजीटी आर्ट, टीजीटी मेडिकल, नॉनमेडिकल, संस्कृत जैसे पद खाली है । इस बारे विभाग को सूचित किया जा चुका है । वहीं ग्राम पंचायत देऊठी के उपप्रधान अच्छर सिंह ने बताया कि स्टाफ की कमी से बच्चों की लगातार पढ़ाई प्रभावित हो रही है । इससे यहाँ के सैंकड़ों अध्ययनरत विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका है । लेकिन विभाग व सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाती नजर नहीं आ रही है । ऐसे में छात्र मजबूरन पलायन करने को मजबूर है। सरकार और विभाग को चाहिए कि इस ओर थोड़ा ध्यान दें ।














