बद्दी मे सीवरेज के गंदे पानी के साथ जीने को मजबूर हाउसिंग बोर्ड फेस 3 के लोग

Baddi Baddi + Doon Himachal News Others
DNN बद्दी 
06 जून बद्दी नगर की बदहाल हो चुकी सीवर व्यवस्था नगर वासियों के लिए अभिशाप बनती जा रही है। बद्दी में वार्ड न 9 के फेस 3 में मुख्य मार्ग पर सीवर जाम होने से ओवरफ्लो होकर नालियों व सड़कों पर  बह रहा है। आईपीएच विभाग की लापरवाही के चलते पिछले दो महीनों से लोगों को सीवर ओवरफ्लो की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। लेकिन अधिकारी व कर्मचारियों को लोगों की परेशानी से कोई सरोकार नहीं रह गया है। सीवर के गंदे पानी के कारण मक्खी, मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को महामारी फैलने का डर सताने लगा है। लोगों का कहना है की  दो महीने से  सीवरेज का गंदा पानी घरों के बाहर से बह रहा है। और जहां जहां विभाग द्वारा खड़े किए गए हैं वहां पर से सीवरेज का गंदा पानी पेयजल की पाइप लाइन के साथ इकट्ठा होने के चलते पीने के पानी में से बदबू आ रही है। पानी पीने लायक नहीं रहा है। इसके प्रयोग से कुछ लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो गए हैं। कई बार शिकायत किये जाने के बावजूद भी सुनवाई नही हुई तो लोगों ने  मुख्यमंत्री सेवा संकल्प न 1100 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करवाई परन्तु अधिकारियो के दबाब के चलते उन्हें अपनी शिकायत वापिस लेनी पड़ी। जिसके बाद लोगो ने पार्षद को बुलाकर मौका दिखाया ।
स्थानीय लोगो ने बताया कि आईपीएच अधिकारियो कि मिलीभगत से अमरावती सोसाइटी की सीवर लाइन हाउसिंग बोर्ड सीवर की नई लाइन से जोड़ दी गई है। जिसके कारण जगह-जगह गड्ढे किये गए है। उन गड्ढो मे से गंदा पानी ओवर फलो होकर बाहर निकल रहा है और निचे से जाति पेयजल कि लाइनों में भी यह गंदा पानी मिक्स होकर लोगो के घरो तक जा रहा है। हैरानी कि बात तो यह है कि अमरावती सोसाइटी के पास अपना एसटीपी है बाबजूद इसके सोसाइटी की सीवर लाइन को हाउसिंग बोर्ड से जोड़ दिया गया है । जिससे कही न कही मिलीभगत का अंदेशा लोग जता रहे है। स्थानीय लोगों ने कहा कि एक तरफ तो सरकार पिछले कल विश्व पर्यावरण पर प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से जल वायु परिर्वतन जैसी समस्याओं से समाज को  जागरूक होने पर भाषण दे रही थी और आने वाले योग दिवस पर योग से रहे निरोग का पाठ पढ़ा रही है। दूसरी और लोगों की शिकायत के बावजूद उन्हें नर्क में जीवन जीने को मजबूर कर रही है। लोगों ने मांग कि है कि विकास के दावे करने वाले मुख्यमंत्री व विधायक सिर्फ 1 दिन उनके साथ उनके घर पर रहे ताकि उनको भी पता लगे कि कैसे लोग नर्क का जीवन जीने को मजबूर है।
आईपीएच विभाग के एक्सईएन देव राज चौहान का कहना है कि उनके सामने इस तरह का कोई मामला नहीं आया है  उन्होंने  जेई को मोके पर भेज दिया है और जल्द ही इस समस्या हल निकाल दिया जायेगा।

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