प्रदेश में धार्मिक स्थलों के लिए  भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग ने जारी की एसओपी 

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DNN शिमला ब्यूरो

05 सितंबर। हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट ने 10 सितंबर से बड़े मंदिरों को खोलने की मंजूरी देने के बाद एसओपी को भी जारी कर दिया है। इस एसओपी की पालना के साथ ही श्रद्धालुओं को प्रवेश मिलेगा। बता दें कि हिमाचल कैबिनेट ने 10 सितंबर से बाबा बालकनाथ, चिंतपूर्णी, नैनादेवी, बज्रेश्वरी देवी, बाला सुंदरी, भीमाकाली, ज्वालाजी समेत कई अन्य बड़े मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को खोलने की भी अनुमति दी है। शनिवार को भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान ने धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। धार्मिक स्थलों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया( एसओपी) जारी की गई है। इसके तहत  प्रवेश द्वारों में स्कैनिंग और हैंडवाश की व्यवस्था जरूरी होगी। मास्क पहने श्रद्धालुओं को ही धार्मिक स्थलों में प्रवेश मिलेगा।

धार्मिक स्थल में कोविड-19 से बचाव के लिए पोस्टर लगाने होंगे। श्रद्धालुओं को अपने जूते वाहनों में खोलकर जाना होगा।  धार्मिक स्थलों में सामाजिक दूरी बनाकर रखनी होगी। धार्मिक स्थलों के परिसर और इसके बाहर भी इसका पालन करना जरूरी होगा।  मंदिर परिसर में दर्शन के लिए सामाजिक दूरी बनाकर कतार लगानी होगी और प्रवेश के समय छह फीट की दूरी जरूरी होगी।

धार्मिक स्थलों में प्रवेश अंदर और बाहर जाने के लिए अलग- अलग रास्ते रहेंगे।  प्रवेश से पहले हाथ और पांव साबुन से धोने होंगे। स्वास्थ्य विभाग के समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन  करना होगा। मूर्तियां और धार्मिक पुस्तकें भी नहीं छू सकेंगे। धार्मिक स्थलों में भीड़ जमा नहीं होगी। समूह में भजन-कीर्तन पर रोक रहेगी। प्रसाद बांटने और जल छिड़कने पर भी  रोक रहेगी।

मुख्य बातें 
-मंदिरों में भजन और कीर्तन करने पर रोक
-मंदिर परिसर में रात को भी नहीं रुक पाएगा कोई
-दर्शन के लिए गर्भ गृह में जाने पर मनाही
-मूर्तियों को छूने पर मनाही
-मंदिर परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाना आवश्यक
-परिसर में थूकना दंडनीय और पूर्णता निषेध

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