पीस मील कर्मियों की 5वें दिन भी अनिश्तिकालीन हड़ताल रही जारी, HRTC की 28 कर्मशालों में कामकाज प्रभावित

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DNN नाहन

03 दिसम्बर। प्रदेश भर में मौसम खराब होने के बावजूद आज शुक्रवार को भी हिमाचल पथ परिवहन निगम के पीस मील कर्मचारियों की 5वें दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रही। लिहाजा पिछले 5 दिनों से संबंधित कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से हिमाचल में एचआरटीसी की 28 कर्मशालाओं में कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। प्रदेश भर में तकरीबन 900 से अधिक पीस मील कर्मचारी हड़ताल पर बैठे है।

इसी कड़ी में जिला मुख्यालय के नाहन डिपो में स्थित एचआरटीसी की कर्मशाला में भी पीस मील कर्मचारियों का हड़ताल का सिलसिला जारी है। आज भी कर्मचारियों ने अपनी मुख्य मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। साथ ही अधिकारियों पर भी हड़ताल के दौरान धमकाने के आरोप लगाए है। इसके साथ-साथ आज भारतीय मजदूर संगठन ने भी पीस मील कर्मियों को अपना समर्थन दिया है। साथ ही यह भी ऐलान किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर सरकार कर्मचारियों की अनुबंध पर लाए जाने की मांग को पूरा नहीं करती, तो प्रदर्शन को तेज किया जाएगा।

मीडिया से बात करते हुए पीस मील कर्मचारी मंच जिला सिरमौर नाहन इकाई के अध्यक्ष जगदीश चंद ने कहा कि प्रदेश के सभी एचआरटीसी के 28 डिपो में स्थित कर्मशालाओं में करीब 933 पीस मील कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। कर्मचारियों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मुख्य मांग के तहत अनुबंध पर तैनात करने का ऐलान नहीं कर देती। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि उक्त मांग को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि कर्मशालाओं में प्रभावित हो रहे कामकाज को पुनः पटरी पर लाया जा सके।

दूसरी तरफ भारतीय भारतीय मजदूर संगठन ने भी पीस मील कर्मचारियों की हड़ताल का जायज बताते हुए अपना समर्थन दिया है। भारतीय मजदूर संगठन जिला कार्यकारिणी के संगठन मंत्री कन्हैया लाल कौशिल ने कहा कि प्रदेश भर में सभी कर्मशालाओं में कार्य का दबाव पीस मील कर्मचारियों पर है। यदि एक सप्ताह के भीतर इन कर्मचारियों की मांग को पूरा नहीं किया गया, तो विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों पर संबंधित कर्मचारियों को काम से निकालने की धमकी देने के भी आरोप लगाए है।

बता दें कि पीस मील कर्मचारियों की हड़ताल पर जाने से कर्मशालाओं में एचआरटीसी की बसों की मरम्मत करने में भी खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। उदाहरण के तौर पर ही नाहन डिपो की आधा दर्जन बसें मरम्मत न होने के कारण कर्मशाला में ही खड़ी है।

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