DNN सोलन (नौणी)
डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी और सतलुज जल विद्युत निगम फ़ाउंडेशन, शिमला के बीच किसानों और बागवानों में प्रशिक्षण के माध्यम से निपुणता लाने हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। एक साल का यह समझौता लगभग 55 लाख रुपये का है। इसका मुख्य मकसद किसानों को प्रेरित करना है ताकि वह स्वयं ही उन्नत कृषि व बागवानी शुरू कर सकें। इस समझौते के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों के किसानों के लिए एक सप्ताह अवधि के 32 प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 800 किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इन प्रशिक्षण शिविरों के लिए शत प्रतिशत अनुदान सतलुज जल विद्युत निगम फ़ाउंडेशन द्वारा स्वीकृत किया गया है। इस प्रकार का समझौता नौणी विवि के विस्तार शिक्षा निदेशलाय द्वारा दूसरी बार किया गया है। इसके अंतर्गत होने वाले प्रशिक्षण शिविरों में किसानों को नई तकनीकी जानकारी प्रदान की जाएगी। इस वर्ष प्रशिक्षणार्थीयों को प्रगतिशील किसानों के खेतों में ले जाकर भी जानकारी का आधान प्रदान किया जाएगा जिससे वह ज्यादा से ज्यादा सीख़ सकें। विश्वविद्यालय की ओर से विस्तार शिक्षा निदेशक डा॰ विजय सिंह ठाकुर तथा सतलुज जल विद्युत निगम के एजीएम अवदेश प्रसाद ने आगामी एक वर्ष के लिए समझौते को हस्तराक्षरित किया। इस मौके पर नौणी विवि के सयुंक्त निदेशक (प्रशिक्षण) डा॰ माई चंद, डा अनिल सूद और एसजेवीएन के धीरज गुप्ता उपस्थित रहे।


















