नौणी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में जीते पुरस्कार

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डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के विद्यार्थियों ने देशभर में आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और शैक्षणिक आयोजनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई पुरस्कार हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है।

बेसिक साइंस विभाग के तीन विद्यार्थियों ने ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित माइक्रोबियल इनोवेशंस फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट” विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया। इसमें मुस्कान खान (एम.एससी. द्वितीय वर्ष) ने फसल उत्पादकता एवं पौध संरक्षण में सूक्ष्मजीव आधारित दृष्टिकोण” विषय पर मौखिक प्रस्तुति में प्रथम स्थान प्राप्त किया। साक्षी (पीएचडी प्रथम वर्ष) ने इसी विषय पर पोस्टर प्रस्तुति में द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि पुनीत कुमार (पीएचडी तृतीय वर्ष) ने सूक्ष्मजीवों के औद्योगिक अनुप्रयोग” विषय पर पोस्टर प्रस्तुति में प्रथम स्थान हासिल किया।

एक अन्य उपलब्धि में वर्णिका शर्मा (पीएचडी तृतीय वर्ष, कृषि सांख्यिकी) ने कृषि विज्ञान संस्थान, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी में आयोजित क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट: इनोवेशंस एंड सॉल्यूशंस” विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया, जहां उन्हें क्लाइमेट मॉडलिंग और प्रिसीजन फार्मिंग के लिए तकनीकी नवाचार” विषय के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति पुरस्कार का पुरस्कार जीता।

इसी क्रम में जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. लोकेश ठाकुर ने जेएनयू, नई दिल्ली स्थित ब्रिक–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लांट जीनोम रिसर्च (एनआईपीजीआर) द्वारा आयोजित प्लांट टिश्यू कल्चर फॉर बूस्टिंग बायोमैन्युफैक्चरिंगन्यूट्रिशनल सिक्योरिटी एंड क्लाइमेट रेजिलिएंस” विषयक संगोष्ठी एवं इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में कैश क्रॉप्स की माइक्रोप्रोपेगेशन” विषय पर उत्कृष्ट पोस्टर प्रस्तुति के लिए प्रथम स्थान प्राप्त किया।

वहीं एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट विभाग के दो विद्यार्थियों काजल शर्मा और यशवंत सिंह ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित क्लाइमेट रेजिलिएंट पारंपरिक फसलों की संभावनाओं का विश्लेषण: सतत कृषि एवं एग्रो-इंडस्ट्रीज के लिए” विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मौखिक प्रस्तुति में क्रमशः प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के कर्मचारी डॉ. प्रांजय रोहीवाला ने भी इसी सम्मेलन में एलिसिटर-आधारित रोग प्रतिरोध और एंटीऑक्सीडेंट रक्षा तंत्र में परिवर्तन (टमाटर मेंखेत की परिस्थितियों में)” विषय पर अपनी प्रस्तुति के लिए मौखिक प्रस्तुति में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया।

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