डीएनएन दाडलाघाट (आशीष)
जिस उम्र में बेटी का घर बसाने की चिंता माता-पिता को होती है, उस उम्र में बेटी की उजड़ती जिंदगी देख कलेजा मुहं को आ रहा है। 16 वर्ष की बेटी की दोनों किडनी खराब हो गई, महंगे इलाज की सामर्थ्य परिवार की नही है। बेटी की दोनों किडनी खराब है। किडनी तो मां देने को तैयार है। लेकिन इलाज के लिए पैसे नहीं है। और सिर पर बाप का साया भी नहीं है दीपिका की माता ने बताया कि अब डॉक्टरों ने एक महीने का समय दिया है कि इसकी किडनी ट्रांसप्लांट करनी पड़ेगी और उस पर करीब 19 लाख रुपये का खर्च आएगा उसने बताया कि अगर समय रहते उसका इलाज नहीं किया गया तो उसे कुछ भी हो सकता है जबकि मेरे पास लाखों रुपए तो दूर पर हजारों रूपये भी नहीं है अमरा देवी ने सरकार, दानी संस्थाओं व दानवीर लोगों से अपील की है कि इस कठिन समय में वे उसकी सहायता करें ।
दाडलाघाट के नजदीक कशलोग पंचायत के फगवाना गांव की निवासी अमरा देवी की बेटी दीपिका सुपुत्री स्वर्गीय खेम चन्द दाड़लाघाट स्कूल में 10 वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है ।दीपिका गत 4 वर्ष से बीमार चल रही है उसकी दाडलाघाट अस्पताल व प्राइवेट क्लीनिक में जांच व उपचार करवाया गया। गरीब माता ने इलाज के लिए इधर-उधर खूब कोशिश की लेकिन मर्ज बढ़ता ही गया । करीब दो लाख रुपए खर्च होने के बाद अब उसकी दोनों किडनियां खराब बताई है। परिवार की सारी आस टूट गई है। किडनी देने को तैयार मां कहती है कि उसके पास किडनी तो है लेकिन महंगे उपचार का सामर्थ्य नहीं ।
परिवार की हालत खराब
अमरा देवी परिवार में सबसे छोटी बहू है। उसके एक जेठ हैं। परिवार की माली हालत पहले से खराब थी और अब बेटी के बीमार होने और उस पर हो रहे खर्च ने पूरे परिवार को पाई-पाई को मोहताज कर दिया है।
सरकारी मदद मिलनी चाहिए
पंचायत प्रधान वेद ठाकुर का कहना है कि अमरा देवी की आर्थिंक हालत काफी खराब है। क्षेत्र में किडनी के प्रकरण लगातार बढ़ रहे हैं। इसके लिए सरकारी मदद का प्रावधान होना चाहिए और संबंधित चिकित्सक को ही इसकी जानकारी देनी चाहिए और इसके बाद उपचार मुफ्त होने का नियम बने। प्रधान का यह भी कहना है कि इस लड़की को सरकारी सहायता के साथ अन्य संस्थाएं भी इस गरीब की मदद करें तो इस मासूम की जिन्दगी बच सकती है ।















