तेजी से फैलता है कोरोना वायरस का यूके स्ट्रेन, इस प्रकार का पहला मामला आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

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DNN सोलन ब्यूरो  (आदित्य सोफत)
06 अप्रैल। कोरोना वायरस का यूके स्ट्रेन काफी तेजी से फैलता है। इस को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी से सतर्कता बरतने कि अपील की है। महिला चिकित्सक में कोरोना वायरस के यूके स्ट्रेन की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। बताया जा रहा है कि इस स्ट्रेन की इफेक्टिविटी काफी हाई होने के कारण यह तेजी से फैलने की आशंका रहती है। हालांकि, कोविड-19 की दोनों डॉजिज लगने के बाद कोरोना संक्रमित हुई महिला चिकित्सक पूरी तरह से स्वस्थ्य है और उनका क्वारंटीन समय भी पूरा हो गया है। बरहाल, वर्तमान में महिला चिकित्सक एतिहात बरते हुए है।
बता दें कि सोलन जिला में महिला चिकित्सक कोविड-19 की दो डॉजिज लगने के बाद कोरोना संक्रमित हो गई थी। कोरोना संक्रमित आने के बाद महिला चिकित्स्क के प्राथमिक कॉन्ट्रेक्ट की ट्रेसिंग की है। ट्रेसिंग के बाद महिला चिकित्सक के संपर्क में आए कुछ लोग संक्रमित पाए गए थे। इसी बीच महिला चिकित्सक के सैम्पल जीनोम स्टडी के लिए भेजा गया। जीनोम स्टडी की जांच होने के बाद महिला चिकित्स्क की रिपोेर्ट जिला स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंच गई है और इस रिपोेर्ट में यूके स्ट्रेन की पुष्टि हुई है है।
यह है पूरा मामला 
कोरोना वारियर्स को सबसे पहले कोविड-19 का टीका लगा लगा था। इस टीकाकरण में दो बार डोज लगनी थी। महिला चिकित्सक को भी पहली डोज लगाई गई और उसके लगभग 28 दिनों बाद महिला को दूसरी वैक्सिनेशन की डोज लगाई गई। इसके बाबजूद महिला कोरोना पॉजिटिव आई। महिला चिकित्सक सीएमओ ऑफिस में कार्यरत है। महिला का टैस्ट रैपिड एंटीजन टैस्ट के माध्यम से किया गया था और टैस्ट में महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। महिला को बीते दिनों कोविड-19 के लक्षण आए जिसके बाद उन्होंने जांच करवाई।
मेन वायरस ने हुआ म्यूटेट 
कोरोना वायरस के मेन वायरस का म्यूटेशन हुआ है। यह भी कोरोना वायरस का एक वेरिएंट है, लेकिन यह तेजी से फैलता है। इसका पता लगाने के लिए जीनोम स्टडी के लिए सैम्पल भेजा जाता है और इसकी रिपोेर्ट लगभग 25 से 30 दिन के भीतर आती है, जोकि स्वास्थ्य विभाग के पास सोमवार को पहुंची है। महिला चिकित्सक का सैम्पल स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसलिए जांच के लिए भेजा था ताकि पता लगाया जा सके कि महिला के कोविड वैक्सीन की दोनों डॉजिज लगने के बाद भी क्यों कोरोना पॉजिटिव हुई है।
इस कारण किया जाता है जेनेटिक स्क्रीनिंग टैस्ट 
जेनेटिक स्क्रीनिंग टैस्ट इसलिए करवाया जाता है, जहां पर हमें बड़ी आबादी के छोटे समूह की पहचान करने में मदद करता है।  लोगों के इस छोटे समूह में वास्तव में या तो किसी बीमारी होने का खतरा अधिक हो सकता है, उस बीमारी का विकास हो सकता है इस बारे में पता लगाने के लिए इस टैस्ट की आवश्यकता पड़ती है।
क्या कहना है जिला स्वास्थ्य अधिकारी का 
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. मुक्ता रस्तोगी ने बताया कि महिला चिकित्स्क में यूके स्ट्रेन की पुष्टि जीनोम स्टडी में हुई है। महिला चिकित्स्क अब पूरी तरह से स्वस्थ है और उनका क्वारंटीन समय भी पूरा हो गया है। उन्होंने बताया कि इस स्ट्रेन की इफेक्टिविटी काफी हाई है जिस कारण यह तेजी से फैलता है और यह कोरोना वायरस का एक वेरियंट है, जोकि मेन वायरस का म्यूटेशन है।  उन्होंने  सतर्कता बरतने की अपील की है और कहा कि सरकार व प्रशासन द्वारा जारी किए गए नियमों की पालना करे।  इसी के साथ कोविड वैक्सीन की डॉजिज लगाने के बाद फेस मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग नियमों की पालना करें।

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