DNN ऊना
23 नवंबर: गत कुछ वर्षों से मौसम में देश के उत्तरी व पूर्वी राज्यों में आए परिवर्तन तथा कोविड-19 के संक्रमण के मध्यनजर सर्दी के मौसम में ठंड, कोहरा व वर्षा से बचाव हेतु राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन ने आवश्यक एडवाइजरी जारी कर दी है।
दिशा निर्देशों के अनुसार ठंडी हवाओं, बर्फ से बचाव के लिए जितना हो सकें घरों में रहें तथा अतिआवश्यक हो तो ही यात्रा करें। इसके अलावा नमी के दौरान सिर, गर्दन, हाथ व पैरों को ठंड से बचाने हेतु मफलर, दस्ताने इत्यादि का उपयोग करें। खाने में फल व हरी सब्जियों का ज्य़ादा इस्तेमाल करें तथा गर्म पेयों का सेवन करें। बंद कमरों में कोयले के उपयोग से परहेज़ करें।
फसलों को कोहरे से बचाव हेतु फास्फोरस या पोटाशियम उर्वरक के साथ-साथ बोडियॉक्स मिश्रण अथवा कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का छिड़काव करें तथा पौधों की सिंचाई के लिए स्प्रिंकलर का प्रयोग करें।
ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क से बचाव हेतु जानवरों व पशुधन के लिए बनाई गई गौशालाओं व शैड को ढक कर रखें। बढ़ती हुई ठंडी के प्रकोप को देखते हुए पशुओं को ठंड से बचाने के लिए रात के दौरान पशुओं के आवास को चारों तरफ से कवर करें। शेड में सूर्य की रोशनी के लिए एक रोशदान व सर्दी से बचाव के लिए पशुओं के नीचे सूखे पत्ते जैसे बिछौना उपलब्ध करवाएं।
इस संबंध में उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने कहा कि ठंड में कोरोना का प्रकोप बढ़ने की आशंका है तथा स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में एडवाइजरी भी जारी की है। इसलिए सर्दी के मौसम में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
अगर किसी व्यक्ति को खांसी, बुखार व सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण आएं, तो जल्द से जल्द अपने स्वास्थ्य की जांच कराएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आती, तब तक मास्क को ही दवाई समझें।

















