DNN कुल्लू ब्यूरो
03 नवम्बर। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सलीम आज़म ने क्षेत्रीय प्रबंधक , हिमाचल पथ परिवहन निगम कुल्लू , केलांग जिला लाहौल स्पिति तथा प्रधान बस ऑपरेटर युनियन कुल्लू को निर्देश दिए हैं कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 72 और हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन कर अधिनियम, 1972 की धारा 3 की अनुपालना में कर व विशेष पथकर का भुगतान करना सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही वैश्विक कोरोना महामारी के दृष्टिगत सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियमम, 2005 के तहत जारी निर्देशों के अनुसार बसों के परिचालकों द्वारा बस में बैठी सवारियों के द्वारा मास्क पहनने को भी सुनिश्चित किया जाए। यदि मास्क नहीं पहना है तो उन्हें मास्क पहनने के निर्देश दें जिससे कि कोरोन महामारी के संक्रमण को रोका जा सके।
उन्होंने बताया कि यदि औचक निरीक्षण के दौरान बस के चालक, परिचालक एवं सवारियों के द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की उल्लंघना की जाती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। यदि पहले से ही यह अनुमानित है कि इस रूट पर चलने वाली बसों में ओवरलोडिंग हो सकती है तो उस रूट पर जनता की मांग के अनुसार अतिरिक्त बस संचालन शुरू करने के लिए रूट परमिट लेने व पहले से जारी रूट परमिट को संशोधन करवाने हेतु मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत सारी औपचारिकताएं पूर्ण करें ताकि नियमानुसार उस रूट पर अतिरिक्त बस संचालन के लिए रूट परमिट जारी किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के चलते सरकार द्वारा कुछ समय के लिए बसों का परिचालन बंद कर दिया गया था और वाहनों के कर व विशेष पथकर को 1 अप्रैल, 2020 से 31 जुलाई, 2020 तक राहत प्रदान की गई थी। लेकिन अब बसों का परिचालन सुचारू रूप से शुरू हो गया है, लेकिन कुछ बसों में अत्यधिक ओवरलोडिंग हो रही है जो सड़क पर बहुत बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ओवरललोडिंग के समय यदि वाहन दुर्घटनाग्रस्त होता है तो उसका पूर्ण उत्तरदायित्व क्षेत्रीय प्रबंधक हिमाचल पथ परिवहन निगम कुल्लू , केंलांग जिला लाहौल स्पिति तथा प्रधान, बस आॅपरेटर यूनियन कुल्लू का होगा। इसके अतिरिक्त वाहनों के कर व विशेष पथ कर का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 72, हिमाचल प्रदेश कर अधिनियम, 1972 की धारा 3 की अवहेलकना करने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 192 ए व हिमाचल प्रदेश कर नियम, 1974 के नियम 4 के अंतर्गत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।















