डीएनएन सोलन
गैर कृषक हिमाचलियों के साथ धारा 118 के तहत मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सभा सोलन के प्रेस सचिव कैलाश नाथ ओझा ने कहा कि संविधान में प्रत्येक भारतीय को भारतवर्ष में कहीं भी किसी भी राज्य में रह रहे हैं भूमि खरीदने व रोजी रोटी कमाने का पूर्ण अधिकार है। कश्मीर हिमाचल के नागरिकों को कहीं भी जमीन खरीदने का अधिकार है लेकिन हिमाचल राज्य की सरकार तय करती है कि गैर कृषि को जमीन देनी है या नहीं। धारा 118 से परेशान न जाने कितने परिवार गैर कृषक हिमाचल से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। सरकारी औद्योगिक निवेश तथा अवैध कब्जों को नियमित करने के लिए धारा 118 को संशोधन करने के लिए मजबूर है तो प्रदेश में रह रहे लाखों गैर कृषकों को को छूट क्यों नहीं है। उन्होने कहा कि ऐसे गैर कृषक जो 1950 से पहले से रह रहे हैं उनके परिवार के लोग सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त हो गए हैं और उनके बच्चे अभी गैर-कृषक की ही श्रेणी में आते हैं। उनके बच्चे कृषि योग्य भूमि नहीं खरीद सकते है। सभा ने मांग की कि ऐसे गैर कृषक जो सरकारी सेवा से निवृत्त हुए हैं व उनका अपना स्थाई घर है को धारा 118 की छूट दी जाए ताकि वह कृषि योग्य भूमि खरीद कर अपने परिवार का गुजारा कर सके।















