DNN ऊना
24 दिसम्बर – कोविड-19 मामलों में बढ़ौत्तरी होने के चलते प्रदेश सरकार स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 के दृष्टिगत एडवाइजरी जारी की गई हैं। इस संबंध में उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए जिला में कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार की पालना करना सुनिश्चित करें। उन्होंने लोगों से आहवान किया कि वे भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनना, सामाजिक दूरी के मानदंडों का कड़ाई से पालना करना व हैंड सैनेटाईजेशन की अनुपालना करना सुनिश्चित करें।
इसके अतिरिक्त राघव शर्मा ने जिलावासियों से अपील की है कि पात्र लोग अपनी एहतियात डोज भी अवश्य लगवाएं ताकि कोरोना संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति में सर्दी, खांसी व जुकाम जैसे लक्षण दिखाई देने पर अपना आरटीपीसीआर के माध्यम से कोविड टेस्ट अवश्य करवाएं ताकि कोविड संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।
गुड गवर्नेंस सप्ताह के तहत जिला के विभिन्न ब्लाॅकों में जांचा लोगों का स्वास्थ्य
ऊना, 24 दिसम्बर – राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे गुड गवर्नेंस सप्ताह के अंतर्गत जिला के विभिन्न ब्लाॅकों में प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला आयुष अधिकारी डाॅ आनंदी शैली ने बताया कि इन शिविरों में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारियों द्वारा स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण भी किया गया।
इसके अलावा डाॅ आनंदी शैली ने बताया कि शिवरों में लोगों को औषधियों पौधों के गुणों बारे जानकारी उपलब्ध करवाई गई तथा योग एवं आयुर्वेदिक पद्धति के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे कोरोना संबंधित जारी दिशा निर्देशों की पालना करें तथा कोविड वैक्सीनेशन की डोज आवश्यक लगवाएं।
शीत लहर में रखें स्वास्थ्य का विशेष ध्यान – उपायुक्त
ऊना, 24 दिसंबर – जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने एडवाईजरी जारी करते हुए कहा कि जिला में लगातार ठंड बढ़ रही है। ऐसे में घटते तापमान को देखते हुए आगामी दिनों में और ठंडी हवा, शीत लहर व घना कोहरा/धुंध के आसार है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह अपनी सेहत के प्रति सतर्क रहें।
घना कोहरा एवं धुंध में यातायात सलाह
उन्होंने कहा कि कोहरे में वाहन चालक अपने वाहन को कम गति पर चलाएं। कोहरे के दौरान लाईट को कम बीम पर रखें। उच्च बीम लाईट धुंध की स्थिति में उतने प्रभावी नहीं होते हैं। अत्यधिक धुंध के मौसम में फॉग लाइट का उपयोग करें। वाहनों के बीच निर्धारित दूरी बनाए रखें, जब दृश्यता बेहद खराब हो, सड़क पर पेंट की गई लाइन का उपयोग एक गाइड के रूप में करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन और उच्च संगीत प्रणाली का उपयोग न करें।
शीतलहर सुरक्षा के उपाय
उन्होंने कहा कि शीत लहर के दौरान घर के अंदर सुरक्षित रहें। घर से बाहर जाते हुए सिर, कान, हाथ, पैर और नाक को ढक कर ही बाहर निकलें। क्योंकि ठण्ड में सिर के माध्यम से ऊष्मा का अभाव हो सकता है। अपने मुहं को भी ढक कर रखें, इससे आपके फेफड़ों को ठण्ड से सुरक्षा मिलेगी। समाचार पत्र, रेडियो व टीवी से मौसम की जानकारी लेते रहें। स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान और आगमी तापमान में परिवर्तन के बारे में सतर्क रहें। शरीर में ऊष्मा के प्रवाह को बनाये रखने के लिए पोषक आहार एवं गर्म पेय पदार्थ का सेवन करें। ठंड के मौसम में ऊनी एवं गरम कपड़ों को पहनें। शरीर को सूखा रखें। कपड़े गीले होने की स्थिति में ऊष्मा का अभाव हो सकता है। कमरों में हीटर, केरोसिन, कोयले की अंगीठी का प्रयोग करते हुए, धुएं के निकास का उचित प्रबंध करना सुनिचित करें। कम तापमान में क्षमता से अधिक शारीरिक कार्य न करें, इससे ह्रदयघात का खतरा उत्तपन हो सकता है। शीतदंश के लक्षणों पर नजर रखें जैसे शरीर के अंगों का सुन्नपड़ना हाथों, पैरों की उँगलियों कान, नाक, आदि पर सफेद या पिले रंग के दाग उभर आना इत्यादि। हाईपोथर्मिया के लक्षणों पर नजर रखें जैसे स्मरण शक्ति कमजोर पड़ना, असीमित ठिठुरना, सुस्ती, थकान, तुतलाना इत्यादि। ठंड के मौसम में तबियत ठीक न लगने तथा किसी भी प्रकार की दिक्कत महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
राघव शर्मा ने कहा कि सर्दी के मौसम में कोरोना संक्रमण और उसकी घातकता बढ़ने की आशंका है इसलिए ज्यादा एहतियात रखें।














