DNN बददी
उद्योग, श्रम एवं रोजगार तथा तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य में सुशासन, बेहतर सुधार, सुदृढ़ अधोसंरचना, वित्तीय प्रबंधन एवं त्वरित सेवाओं के माध्यम से स्थापित उद्योगों तथा निवेशकों को पूर्ण सहयोग एवं सहायता प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। बिक्रम सिंह सोलन जिले के नालागढ़ के बद्दी में उद्योग विभाग द्वारा आयोजित विचार-विमर्श कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम का आायोजन कंबोडिया में विशेष रूप से हिमाचली उद्यमियों को निवेश करने की संभावनाओं के दृष्टिगत किया गया। बिक्रम सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार ने अपने 6 माह के कार्यकाल में उद्योग जगत को अनेक रियायतें प्रदान की हैं। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित बना रही है कि हिमाचल प्रदेश में उद्योगों एवं निवेशकों को निवेश मित्र पर्यावरण, बेहतर कानून एवं व्यवस्था तथा श्रेष्ठ अधोसंरचना उपलब्ध हो। इस दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से सकारात्मक परिणाम मिलने आरंभ हो गए हैं।
उद्योग मंत्री ने कहा कि व्यापार करने की सुगमता (ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस) में हिमाचल प्रदेश को देशभर में 16वां स्थान प्राप्त हुआ है। पहले हिमाचल 17वें नंबर पर था। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के लिए एक नई औद्योगिक विकास योजना अधिसूचित की है। इस योजना के अनुसार हिमाचल प्रदेश में स्थापित एवं नई औद्योगिक इकाईयों को केंद्रीय पूंजी निवेश प्रोत्साहन उपलब्ध करवाया जाएगा। यह प्रोत्साहन अधिकतम 5 करोड़ रुपये के निवेश तक 30 प्रतिशत की दर से उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2018-19 में औद्योगिक क्षेत्र के लिए बिजली की दरों में न के बराबर बढ़ोत्तरी की है। इससे सभी उद्योग लाभान्वित होंगे।
उद्योग मंत्री ने कहा कि बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र हिमाचल का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। राज्य सरकार यहां अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार ने इस औद्योगिक क्षेत्र में तीन मु य मार्गों के सुधार के लिए 30 करोड़ रुपये जारी किए हैं। प्रदेश सरकार ने बद्दी में ठोस कचरा संयंत्र के निर्माण के लिए निर्माण के लिए 300 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण के लिए 35 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। उन्होंने निवेशकों तथा उद्यमियों से आग्रह किया कि हिमाचल के निवेशक मित्र वातावरण का लाभ उठाएं और राज्य में गुणवत्तायुक्त निवेश करें।
कंबोडिया में भारत की राजदूत माणिका जैन जो कि भारतीय विदेश सेवा की वरिष्ठ अधिकारी, ने इस अवसर पर कहा कि केंद्रीय विदेश मंत्रालय के निर्देशानुसार विभिन्न देशों में भारत के राजदूत देश के अलग-अलग राज्यों में जा रहे हैं। इसका उद्देश्य निवेशकों को संबंधित देश में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि कंबोडिया, आसियान देशों को प्रमुख सदस्य हैं। इस देश में श्रम शक्ति सुलभ एवं सस्ती है तथा कंबोडिया की सामान्य वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि कंबोडिया में वस्त्र उद्योग, पर्यटन उद्योग, निर्माण उद्योग तथा कृषि क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया कि वे कंबोडिया में निवेश के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आयुर्वेद तथा योग के क्षेत्र में व्यापक कार्य हुआ है। उन्होंने आग्रह किया कि आयुर्वेद के क्षेत्र में कंबोडिया में विशेषज्ञता का स्वागत है।
माणिका जैन ने कहा कि केंद्र सरकार कंबोडिया तथा आसपास के देशों में वृहद स्तर पर निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि देश विशेषकर हिमाचल के उद्यमी भारत सरकार की इस योजना से लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने इस अवसर पर कंबोडिया में निवेश से संबंधित उद्यमियों की आशंकाओं और प्रश्नों का निवारण भी किया।




















