DNN ऊना
03 सितम्बर हिमाचल प्रदेश में लंपी वायरस के कारण पशुओं के मौत का सिलसिला जारी है। प्रदेश भर में इस वायरस के कारण पशुओं की मौत हो रही है। वही ऊना जिला में शुक्रवार को 51 पशुओं की मौत इस वायरस के कारण हुई है।
अब तक कुल 440 पशुओं की मौत हो चुकी है। जिले में लंपी स्किन डिजीज के अब तक कुल 7819 मामले सामने आए हैं जिसमें से 2612 पशु ठीक हो चुके हैं जबकि 4767 पशुओं का इलाज चल रहा है। पशुपालन विभाग द्वारा शुरू में ही लंपी स्किन डिजीज की बीमारी की चपेट में आए 11 पशुओं के सैम्पल भोपाल लैब में भेजे गए थे जो सभी पॉजिटिव पाए गए हैं। जिला ऊना में पिछले 2 दिनों में पशुओं की मौत के सर्वाधिक मामले सामने आए हैं। अकेले 2 दिनों में ही पशुओं की मौत के 118 मामले सामने आए हैं। एकाएक पशुओं की मौत के मामले बढऩे से पशुपालक भी परेशान हैं। पशुपालन विभाग के अधिकारी, डाक्टर्स व अन्य कर्मचारी लगातार पशुओं में फैल रही इस बीमारी की रोकथाम के साथ-साथ उनका उपचार करने में लगे हुए हैं।
जिला ऊना में लंपी स्किन डिजीज की बीमारी से निपटने के लिए पशुपालन विभाग को साढ़े 7 लाख रुपए का बजट जारी हुआ है। इस बजट के मिलने से पशुपालन विभाग और भी बेहतर तरीके से पशुओं का उपचार करेगा। इस बजट के प्राप्त होने के बाद पशुपालन विभाग ने दवाइयों का और आर्डर कर दिया है। पशुपालन विभाग के मुताबिक हरोली व गगरेट विधानसभा क्षेत्र में लंपी स्किन डिजीज के पहले अधिक मामले आए थे। अब इन क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। इन क्षेत्रों में अब पशुओं का डैथ रेट कम हुआ है।पशुपालन विभाग की रैपिड रिस्पाॅन्स टीम के इंचार्ज डाॅ. आरके भट्टी ने कहा कि उनकी टीम लगातार पशुओं का उपचार करने में जुटी है।















