डीएनएन सोलन
उपायुक्त सोलन विनोद कुमार ने कहा कि विभिन्न प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं से निपटने के लिए विभिन्न स्तरों पर समुचित प्रशिक्षण एवं ग्राम स्तर पर ग्राम आपदा प्रबंधन योजना निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार की जानी आवश्यक है। उपायुक्त आज यहां आपदा रक्षक स्वयंसेवियों की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण तथा ग्राम आपदा प्रबंधन योजना के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक का आयोजन जि़ला आपदा प्रबंधन अभिकरण द्वारा किया गया।
विनोद कुमार ने कहा कि आपदा रक्षकों की नियुक्ति एवं ग्राम स्तर पर आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने का उद्देश्य गांव-गांव में स्थानीय लोगों को जीवन रक्षक कौशल एवं तकनीक सिखाना है ताकि आपदा से होने वाली हानि को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके। उन्होंने कहा कि आपदा रक्षकों की नियुक्ति से पूर्व उन्हें होमगार्ड के जवानों द्वारा आपदा बचाव एवं राहत के संबंध में समुचित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के लिए नेहरू युवा केन्द्र के माध्यम से 50 तथा जि़ला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी के माध्यम से 15 स्वयंसेवक उपलब्ध करवाएं जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी आपदा रक्षक स्वेच्छा से कार्य करने के इच्छुक होने चाहिएं।
होमगार्ड द्वारा प्रशिक्षित ये स्वयंसेवी मास्टर टेªनर के रूप में कार्य करेंगे। ये मास्टर ट्रेनर पंचायत स्तर पर अन्यों को आपदा बचाव के लिए तैयार करेंगे।

उपायुक्त ने कहा कि आपदा रक्षक स्वयंसेवी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं के सदस्यों को भी योजना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन को निर्देश दिए कि आपदा के समय चिकित्सीय सहायता के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा स्वास्थ्य उपकेन्द्र के कर्मियों को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था सुनिश्चित बनाएं।
विनोद कुमार ने कहा कि पंचायत स्तर पर नवयुवक मंडल, महिला मंडलों, वार्ड सदस्यों, पंचायत सचिव, पटवारी इत्यादि को भी इस महत्वकांक्षी अभियान के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने पंचायत स्तर पर भी कम से कम 30 व्यक्तियों को आपदा रक्षक स्वयंसेवी प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि आपदा से बचाव के लिए उचित प्रशिक्षण एवं उपकरण आवश्यक होते हैं। सभी उपमंडलाधिकारी इस दिशा में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का समय-समय पर निरीक्षण करेंगे ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता एवं मानक सुनिश्चित हों। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ विशेष रूप से पूर्व सैनिकों को जोड़ा जाएगा। ये प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित अंतराल पर आयोजित होंगे। विनोद कुमार ने कहा कि जि़ले के सभी गांवों में ग्राम आपदा प्रबंधन समितियां गठित की जाएंगी। सभी गांवों की अपनी ग्राम आपदा प्रबंधन योजना होगी। उन्होंने कहा कि ग्राम आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने में संबंधित खंड विकास अधिकारी की मुख्य भूमिका होगी। संबंधित खंड विकास अधिकारी अपने-अपने प्राधिकार में आने वाले गांवों की आपदा प्रबंधन योजना को जि़ला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भी उपलब्ध करवाएंगे। बैठक में जानकारी दी गई कि आपदा रक्षक स्वयंसेवियों को प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव तथा अग्नि सुरक्षा के संबंध में तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। आपदा रक्षक स्वयंसेवियों में से ही एक सक्रिय सदस्य को जि़ला आपदा रक्षक समन्वयक नियुक्त किया जाएगा।















