DNN सोलन ब्यूरो (आदित्य सोफत)
15 जनवरी। कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच पर चार अलग-अलग जगहों पर मिले मृत मुर्गों के सैम्पल जांच के लिए अब भोपाल लैब में भेजे गए है। बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए जालन्धर लैब से सैम्पल निशाद लैब भोपाल जांच के लिए भेजे गए है। जहां से ही इनमे बर्ड फ्लू था या नहीं पता चल पाएगा। बरहाल, बीते गुरुवार को सैम्पल जांच के लिए भोपाल भेज दिए गए है। बताया जा रहा है कि इनकी रिपोर्ट आगामी दिनों में पशु पालन विभाग के पास पहुंच जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
यह है पूरा मामला
बता दें कि कालका-शिमला नेशनल हाई-वे पांच पर लगातार चार दिन अलग अलग जगहों पर मृत मुर्गे भारी मात्रा में फैंके पाए गए थे। पहले व दूसरे दिन जाबली के चक्कीमोड के समीप, तीसरे दिन हाई-वे पर कुमारहट्टी-सोलन बाईपास पर बनी टनल के कुमारहट्टी पोर्टल के पास अधिक संख्या में मरे हुए मुर्गे पाए गए थे व इसके बाद सनवारा के समीप हाई-वे किनारे मृत मुर्गे फैंके पाए गए थे। इन चार दिनों में लगभग 1,000 मृत मुर्गे विभिन्न जगहों पर फेंके पाए गए। बर्ड फ्लू के खतरे के बीच इस प्रकार से मरे हुए मुर्गे मिलने से लोगों में हड़कंप मच गया था। पशु पालन विभाग की टीम ने इन सभी जगहों से रैंडम पांच-पांच सैम्पल जांच के लिए भरे थे, जिन्हें जांच के लिए जालन्धर स्थित लैब में भेजा गया था, लेकिन सन्देह होने के चलते अब इन्हें जांच के लिए भोपाल भेजा गया है।
धर्मपुर व परवाणू पुलिस कर रही है इस मामलें में जांच
हाई-वे किनारे फेके गए मृत मुर्गे मामलें में पशु पालन विभाग ने एफआईआर भी दर्ज करवाई है, ताकि असलियत का पता चल सके। एफआईआर दर्ज होने के पश्चात धर्मपुर व परवाणू पुलिस में इस मामले की जांच चली हुई है। हाई-वे पर लगे सीसीटीवी फुटेज को भी पुलिस द्वारा खंगाला जा रहा है।
क्या कहना है एसडीएम कसौली का
उपमंडलाधिकारी कसौली डा. संजीव कुमार धीमान ने कहा कि सैम्पलों की जांच जालन्धर होने के बाद भोपाल लैब में भेजे गए है। अभी तक पता नहीं चल पाया है कि यह मृत मुर्गे किस कारण मरे है। भोपाल लैब से रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।















