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बद्दी, 13 अक्टूबर। आईईसी यूनिवर्सिटी, बद्दी में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय सभागार में दंत स्वास्थ्य एवं जागरूकता विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। आईईसी यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अशोक पुरी और रजिस्ट्रार डॉ. प्रह्लाद गुप्ता के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन से आयोजित इस कार्यक्रम में गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज, पटियाला की डेंटल सर्जन डॉ. मीनू अग्रवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों और शिक्षकों को दांतों की देखभाल, मौखिक स्वच्छता तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
व्याख्यान के दौरान डॉ. मीनू अग्रवाल ने कहा कि दांतों और मसूड़ों का स्वास्थ्य शरीर के समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उचित देखभाल की कमी से दांतों में सड़न, मसूड़ों की बीमारी और अन्य मौखिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन सही तरीके से ब्रश करने, फ्लॉसिंग अपनाने और नियमित रूप से दंत चिकित्सक से जांच करवाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि समय पर सावधानी बरतकर दांतों से जुड़ी कई समस्याओं से बचा जा सकता है।
डॉ. अग्रवाल ने खानपान की आदतों पर प्रकाश डालते हुए अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों और शर्करा के सेवन से दांतों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने संतुलित आहार अपनाने, मौखिक स्वच्छता बनाए रखने और दांतों में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उसे नजरअंदाज न करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआती स्तर पर समस्या की पहचान और समय पर उपचार बेहतर दंत स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को दंत स्वास्थ्य से संबंधित अपनी शंकाएं रखने का अवसर भी दिया गया। विद्यार्थियों ने दांतों की सफाई, मसूड़ों की देखभाल और दंत रोगों से बचाव से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. अग्रवाल ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। इस संवादात्मक सत्र से विद्यार्थियों को दांतों की देखभाल के व्यावहारिक उपायों को समझने और अपनी दैनिक दिनचर्या में स्वस्थ आदतें अपनाने की प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. मीनू अग्रवाल का बहुमूल्य जानकारी और अनुभव साझा करने के लिए आभार व्यक्त किया गया। व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि नियमित दंत जांच, संतुलित खानपान और उचित मौखिक स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर दांतों को स्वस्थ रखा जा सकता है।














