स्कॉर्पियो गाड़ी, पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद; गिरोह के मुख्य संचालक और हथियारों के नेटवर्क की जांच जारी
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बद्दी/नालागढ़, 30 अक्टूबर। औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में पिछले दिनों हुई फायरिंग की तीन अलग-अलग घटनाओं का बद्दी पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक स्कॉर्पियो गाड़ी, एक पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर इन वारदातों के पीछे सक्रिय गिरोह, उसके मुख्य संचालक और हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
इस मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक बद्दी विनोद धीमान ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान किया। उन्होंने बताया कि पुलिस थाना नालागढ़ क्षेत्र में हुई इन तीनों फायरिंग की घटनाओं को पुलिस ने गंभीरता से लिया और आरोपियों तक पहुंचने के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था।
एसपी ने बताया कि पहली घटना 14-15 अक्टूबर की रात गांव बूटा पलासी में हुई थी। यहां रणवीर सिंह के घर के बाहर अज्ञात बाइक सवार दो युवकों ने हवाई फायरिंग की थी। गोली चलने की आवाज सुनकर जब शिकायतकर्ता घर से बाहर आया तो दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से दो खाली कारतूस बरामद किए थे।
दूसरी घटना भी बूटा पलासी में 23-24 अक्टूबर की मध्यरात्रि करीब 12:50 बजे हुई। इस दौरान मनप्रीत सिंह के रिहायशी मकान के बाहर चार राउंड फायर किए गए। इनमें से दो गोलियां घर के बाहर खड़ी उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी में लगीं, जबकि दो हवाई फायर किए गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी बद्दी विनोद धीमान ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर एफएसएल टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए गए।
वहीं, तीसरी वारदात 25 अक्टूबर को दोपहर करीब दो बजे गांव गोल जमाला स्थित यूसुफ एंटरप्राइजेज कंपनी के मुख्य गेट पर हुई। यहां बिना नंबर प्लेट की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश युवकों ने करीब पांच राउंड फायर किए और मौके से फरार हो गए। कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत दीप सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
एसपी विनोद धीमान ने बताया कि तीनों घटनाओं की जांच के लिए अलग-अलग विशेष टीमें गठित की गई थीं। इनमें तकनीकी और साइबर टीमों को भी शामिल किया गया। पुलिस ने गुप्त सूचना तंत्र को सक्रिय करने के साथ घटनास्थलों और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्धों की गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान कर उन्हें 29 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उपकार सिंह (29) निवासी चांदपुर बेला, जिला रूपनगर पंजाब, राजिंदर कुमार (29) निवासी रंगलोह, जिला बिलासपुर हिमाचल प्रदेश, देवेंद्र सिंह (34) निवासी दाहिरपुर, जिला रूपनगर पंजाब तथा अमृतपाल सिंह (32) निवासी मल्होत्रा कॉलोनी, जिला रूपनगर पंजाब के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से स्कॉर्पियो गाड़ी नंबर PB 65 BL 9086, पांच मोबाइल फोन, एक पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। चारों आरोपियों को 30 अक्टूबर को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
एसपी ने बताया कि पुलिस की जांच अभी जारी है। आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि तीनों घटनाओं के पीछे क्या कारण थे और इनमें उनकी वास्तविक भूमिका क्या रही है। साथ ही किसी संगठित आपराधिक गिरोह की संलिप्तता, गिरोह के मुख्य संचालक, हथियारों की आपूर्ति के स्रोत और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी विनोद धीमान ने स्पष्ट किया कि बद्दी पुलिस क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में दहशत फैलाने, फायरिंग करने, फिरौती मांगने या अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जांच में जिन अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को फोन कॉल, संदेश या अन्य माध्यम से फिरौती की मांग अथवा जान से मारने की धमकी मिलती है तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या बद्दी पुलिस को दें। ऐसी किसी भी धमकी को नजरअंदाज न करें और बिना किसी भय के पुलिस को जानकारी दें।














