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उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने आज एकीकृत कृषि क्लस्टर सलोगड़ा एवं एकीकृत कृषि क्लस्टर कण्डाघाट का निरीक्षण किया।
मनमोहन शर्मा ने एकीकृत कृषि क्लस्टर (आई.एफ.सी.) की वर्तमान स्थिति का जायज़ा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एकीकृत कृषि क्लस्टर केन्द्रों को शीघ्र पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग सुनिश्चित करें ताकि इन केन्द्रों का प्रत्यक्ष लाभ क्लस्टर स्तरीय महासंघ एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को मिल सके।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि क्लस्टर स्तरीय महासंघ से जुड़ी महिलाओं को एकीकृत कृषि क्लस्टर के संचालन, उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, विपणन एवं प्रबंधन संबंधी उचित एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इससे वह एकीकृत कृषि क्लस्टर की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगी तथा अपनी आजीविका के साधनों को और अधिक सुदृढ़ बना सकेंगी।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों एवं क्लस्टर स्तरीय महासंघ से जुड़ी महिलाओं की आजीविका को सुदृढ़ करना प्रशासन की प्राथमिकता है। एकीकृत कृषि क्लस्टर के माध्यम से स्थानीय कृषि एवं संबद्ध उत्पादों का बेहतर उपयोग, मूल्य संवर्धन तथा विपणन सुनिश्चित कर महिलाओं की आय में वृद्धि की जा सकती है।
उपायुक्त ने एकीकृत कृषि क्लस्टर का मुख्य उद्देश्य संसाधनों का सही उपयोग करना और किसानों, बागवानों व पशुपालकों की आय बढ़ाना है। उन्होंने अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ उठाने का आग्रह किया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित क्लस्टर स्तरीय महासंघ की पदाधिकारी एवं एकीकृत कृषि क क्लस्टर के संचालन से जुड़ी महिला सदस्य भी उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर उद्योग विभाग के प्रबंधक निदेशक सुरेन्द्र ठाकुर, ज़िला विकास अधिकारी रमेश शर्मा, खण्ड विकास अधिकारी मजूला सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।













